सचिन पायलट करीब साढ़े छह साल से राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उनके समर्थकों की मांग है कि पायलट इस पद पर बने रहें। वहीं दूसरा खेमा चाहता कि प्रदेश अध्यक्ष बदला जाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए ब्राह्मण कोटे से रघु शर्मा, महेश जोशी और जाटों से लालचंद कटारिया, ज्योति मिर्धा के नाम को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों का मानना है कि सचिन पायलट किसी भी सूरत में इस पद पर आगे भी बने रहना चाहते हैं।
पंचयात चुनाव पर नजर
मौजूदा राजनीतिक हालात में सचिन पायलट राज्य में पार्टी की कमान अपने पास ही रखना चाहते हैं। वह इसमें कोई ढील नहीं चाहते। वहीं, अशोक गहलोत की कोशिश है कि पायलट का विमान इस साल राज्य में होने वाले पंचायत चुनावों से पहले रनवे पर उतार दिया जाए और उनकी जगह अध्यक्ष के पद पर किसी और को बैठाया जाए। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि 15 अक्तूबर के पहले पंचायत के चुनाव कराने हैं और पंचायत चुनाव के दौरान जो प्रदेश अध्यक्ष रहेगा वही सिंबल बांटेगा।
राजस्थान में आने वाले दिनों में राजनीतिक नियुक्तियां भी होनी हैं और अध्यक्ष के पद पर पायलट रहते हैं तो इसमें उनका दबदबा बना रहेगा। इन सब झंझटों से अशोक गहलोत छुटकारा चाहते हैं। हालांकि, इसपर आखिरी फैसला कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी को ही लेना है।