भीलवाड़ा के जहाजपुर पुलिस थाना क्षेत्र में रविवार रात को हुए सड़क हादसे में तीन युवकों की मौत के बाद उनके परिवार जनों को पांच लाख रुपये नकद और पांच लाख रुपये चिरंजीवी योजना के तहत दिलाने की मांग को लेकर जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय के बाहर धरना दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों द्वारा वार्ता का एक दौर हो चुका है, लेकिन कोई समझौता नहीं हो पाया है। तीनों शवों का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।
जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने बताया, हादसे में तीन जनों की मौत के साथ ही दो युवक गंभीर रूप से घायल हैं, जिसमें से एक को उदयपुर रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मृतक के परिजन को दस लाख रुपये की सहायता राशि देने, दोषी पुलिस अधिकारियों को निलबिंत करने, जहाजपुर क्षेत्र में अवैध तरीके से हो रहे बजरी खनन के कारोबार को बंद करने, घायल दो जनों को उपचार कराने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है।
वाजिब मांग मान ली गई...
जहाजपुर एसडीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे लोगों से पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने वार्ता की। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने कहा कि वाजिब मांगे प्रशासन की ओर से मान ली गई हैं। लेकिन विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि जब तक शक्करगढ़ थानाधिकारी को निलंबित नहीं कर दिया जाता है, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे।
पुलिस पर हुए पथराव को लेकर अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सालय एवं उपखंड कार्यालय के बाहर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया, जिनमें एडिशनल एसपी, पांच पुलिस उपाधीक्षक, दस थानों का जाब्ता एवं एमबीसी आरएससी की बटालियन सहित तकरीबन 600 सौ पुलिस कर्मियों ने नगर में पड़ाव डालकर जहाजपुर को छावनी में तब्दील कर दिया।
गौरतलब है कि नेशनल हाइवे-148 डी पर रविवार देर रात सड़क हादसे में हुए तीन युवकों की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों चार वाहनों को आग लगा दी। पुलिस जीप सहित अन्य वाहनों के कांच तोड़ दिए और पुलिसकर्मियों पर भी पथराव किया गया। मामला बिगड़ते देख देर रात घटना स्थल पर पहुंचे एडीएम राजेश गोयल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल मिश्रा ने विधायक गोपीचंद मीणा एवं ग्रामीणों से वार्ता कर विभिन्न मांगे मानने की शर्त पर मामले को शांत कर मौके पर दो युवकों के शवों को उठाया और उन्हें मोर्चरी में रखवाया गया। जलते हुए वाहनों को अग्निशमन की मदद से बुझाया गया।