राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को डेयरी में घोटाला और अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का मामला गूंजा। बाद में सदन की कार्रवाई 16 मार्च तक स्थगित कर दी गई है।
राज्य विधानसभा में शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, सरस डेयरी और अलवर डेयरी में अनियमितताओं के मामले उठे। इसको लेकर विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर आरोपियों को बचाने के जमकर आरोप लगाए। इन आरोपों के बीच गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया ने बताया कि अलवर डेयरी मामले में वहां के एमडी एवं अध्यक्ष बन्नाराम भ्रष्टाचार के आरोपी हैं। उन पर मुकदमा दर्ज किया हुआ है तथा जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि अलवर चौकी में भी वर्ष 2016 में एफआईआर दर्ज हुई है तथा जांच चल रही है। यह मामला शून्य काल में विधायक रमेश तथा अन्य ने उठाया था।
कटारिया ने सदन को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक ने भी इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अलवर डेयरी के चुनाव सम्बन्धी मामले की शिकायत मंत्री के स्तर पर लम्बित नहीं है।
विधायी कार्य निपटाने के बाद सदन की कार्रवाई 16 मार्च तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले सदस्यों ने एक—दूसरे को होली की बधाई दी।