छात्र नेता हरफूल चौधरी ने गर्दन तक ली भू-समाधि।
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राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्र नेता हरफूल चौधरी ने कहा कि राजस्थान की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में 2 महीने पहले सेंट्रल लाइब्रेरी का उद्घाटन हो चुका है। अब तक छात्रों के लिए इसे शुरू नहीं किया गया है। जबकि छात्रों के सेमेस्टर एग्जाम शुरू हो चुके हैं। ऐसे में जल्द से जल्द लाइब्रेरी स्टूडेंट्स के लिए शुरू होनी चाहिए। छात्रनेता ने कहा- यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार ने आम छात्रों के पैसों से भ्रष्टाचार किया है। इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इसके लिए उनके खिलाफ जांच कमेटी का गठन होना चाहिए। हरफूल ने कहा- इससे पहले मैंने यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के लिए प्रदर्शन किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 150 छात्रों पर राज्य कार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज करा दिया। जो पूरी तरह से तानाशाही है। अगर यूनिवर्सिटी में ही छात्र अपनी बात को नहीं रख सकेगा, तो फिर आम छात्र अपने अधिकार के लिए कहां बोलेगा। ऐसे में यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से मेरे और छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लिया जाना चाहिए। इन्हीं मांगों पर समाधि लगाई गई।
शुक्रवार से खुलेगी सेंट्रल लाइब्रेरी
काफी देर चले प्रदर्शन के दौरान कई समर्थक छात्र भी हरपाल चौधरी के साथ मौके पर ही धरने पर बैठ गए। आखिरकार छात्रों के प्रदर्शन के आगे यूनिवर्सिटी प्रशासन कुछ झुका। कांग्रेस नेता और राजस्थान यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष पुष्पेंद्र भारद्वाज, सिंडिकेट मेम्बर की समझाइश काम आई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शुक्रवार से बंद पड़ी लाइब्रेरी खोलने का वादा किया। अन्य मांगों पर भी पॉजिटिव रुख अपनाने की बात कही। तब छात्र नेता हरफूल चौधरी को समाधि से बाहर निकाला गया।
इससे पहले यूनिवर्सिटी के चीफ प्रॉक्टर हरि पलसानिया ने कहा कि यूनिवर्सिटी में छात्रों के लिए ही लाइब्रेरी बनाई गई है। जहां काम चल रहा है। जैसे ही काम कंप्लीट हो जाएगा, लाइब्रेरी स्टूडेंट्स के लिए खोल दी जाएगी। उन्होनें कहा छात्रों पर यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई थी। वह रजिस्ट्रार की ओर से दर्ज करवाई गई है। ऐसे में इस मामले में मैं कुछ भी नहीं कर सकता हूं। छात्रों के प्रदर्शन का यह तरीका पूरी तरह गलत है। इससे यूनिवर्सिटी का माहौल बिगड़ता है। इस मामले की मैं पुलिस प्रशासन से शिकायत करूंगा।
छात्रनेता के खिलाफ दर्ज हुआ था केस
छात्र नेता हरफूल चौधरी ने इससे पहले यूनिवर्सिटी में शिक्षकों, प्रोफेसर के प्रमोशन की मांग को लेकर कुलपति सचिवालय पर 4 और 5 जनवरी को प्रदर्शन किया था। तब कुछ छात्र कुलपति सचिवालय की छत पर चढ़ गए थे। देर रात तक हरफूल चौधरी कुलपति सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे रहे थे। प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने प्रोफेसर को प्रमोशन तो दिया। लेकिन छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी थी। जिसे लेकर छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।