प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान ने लोगों को इसके महत्व के प्रति जागरूक करना शुरू कर दिया है। इसका असर लोगों के जीवन पर भी पड़ रहा है।
राजस्थान के जयपुर में एक आदिवासी व्यक्ति को अपनी पत्नी का रोज खुले में शौच जाना अच्छा नहीं लगता था, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह घर में शौचालय बनवाने में भी सक्षम नहीं था।
आखिर प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान ने उसे भी प्रेरणा दी। जिसके बाद उसने अपनी बकरी और पत्नी के कुछ जेवर बेचकर घर में शौचालय का निर्माण करा दिया। उसके इस कदम पर नगरपालिका ने भी उसका उत्साह बढ़ाते हुए शौचालय निर्माण में आया खर्च उसे वापस दिलवा दिया है।