बाल यौन उत्पीड़न से जुड़े मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के लिए राजस्थान में 55 पोक्सो अदालतें खोली जाएंगी। इसके लिए कुल 660 नये पद सृजित किए जा रहे हैं।
सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस बारे में पेश किए गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
बाल यौन उत्पीड़न के अपराधियों को शीघ्र सजा मिले यह सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला किया गया है। इसके तहत हर जिले में कम से एक पोक्सो अदालत होगी। ऐसे मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए अब प्रदेश में ऐसी कुल 56 पोक्सो अदालत होंगी जिनमें से एक अदालत पहले ही स्थापित की जा चुकी है।
इसके अनुसार इन नयी अदालतों के लिए कुल 660 पद सृजित किए गए हैं। स्वीकृति के अनुसार बीकानेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर जिला, जालौर, जैसलमेर, झुंझुनूं, करौली, मेड़ता, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाईमाधोपुर, सीकर, सिरोही, जोधपुर जिला तथा टोंक में एक-एक पोक्सो अदालत स्थापित की जाएंगी।