सुल्तानपुर कस्बे के मुख्य बाजार में स्थित आभूषणों की एक दुकान का शटर और ताला तोड़कर 70 लाख रुपये से अधिक मूल्य के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चुराने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। अपराधियों ने 17 और 18 अक्तूबर की दरमियानी रात इस वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल तथा आसपास के रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का लगभग 30 घंटे तक गहन विश्लेषण करने के बाद दिल्ली के झुग्गी क्षेत्रों में दबिश देकर दोनों अभियुक्तों को पकड़ा।
भौरा चौराहे के पास स्थित श्रीदेव ज्वैलर्स के मालिक परमानंद गुर्जर 17 अक्तूबर की रात अपनी दुकान बंद करके घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 5:00 बजे उन्हें दुकान का शटर और ताला टूटा होने की जानकारी मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो देखा कि चोर दुकान में रखी अलमारी, उसमें रखे सोने-चांदी के बहुमूल्य आभूषण और तिजोरी में रखी तीन से चार लाख रुपये की नकदी समेटकर ले जा चुके थे। पीड़ित दुकानदार की शिकायत के बाद सुल्तानपुर थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
सीसीटीवी फुटेज से मिली संदिग्ध कार
वारदात का पर्दाफाश करने के लिए संयुक्त विशेष टीम ने अपराध स्थल तथा उसके आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को ध्यानपूर्वक खंगाला। इस प्रक्रिया में एक निशान सनी कार संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त नजर आई। कार में सवार व्यक्तियों के आचरण पर संदेह होने के पश्चात पुलिस ने उस वाहन के आवागमन के मार्ग का पीछा करना शुरू किया।
शुरुआती पड़ताल में वाहन के जालिमपुरा आठ-लेन टोल से मुंबई की दिशा में जाने की सूचना प्राप्त हुई। इसके आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमों को तुरंत गोपालपुरा, चेचट, गरोठ, रतलाम, थांदला और गुजरात की ओर रवाना किया गया। हालांकि, संदिग्ध पंजीयन संख्या वाली कार किसी भी टोल नाके से गुजरती हुई दिखाई नहीं दी।
फर्जी नंबर प्लेट से चकमा देने की कोशिश
संदेह गहराने पर पुलिस टीम ने दिल्ली और मुंबई मार्ग से आने-जाने वाले तमाम वाहनों के ब्योरे का पुनरावलोकन किया। निरंतर 28 से 30 घंटे तक सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से परीक्षण करने पर यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि शातिर अपराधी दिल्ली की तरफ से आए थे। उन्होंने मूल वाहन पर महाराष्ट्र राज्य की फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी।
बदमाशों ने मुंबई लेन से एक्सप्रेसवे पर प्रवेश किया और फिर चालाकी से यू-टर्न लेकर वापस दिल्ली की ओर लौट गए। इसके बाद वे दिल्ली के हिलालपुर टोल से बाहर निकल गए। पुलिस ने जब वाहन के वास्तविक स्वामियों का ब्योरा निकाला तो कार दिल्ली के घोंडा निवासी सलीम के नाम पंजीकृत पाई गई। इसके साथ ही टोल पर ऑनलाइन शुल्क भुगतान के डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से वारदात में इमरान नामक व्यक्ति की सहभागिता भी स्पष्ट हो गई।
दिल्ली में दबिश और आरोपियों की गिरफ्तारी
डिजिटल साक्ष्य जुटाने के बाद सुल्तानपुर पुलिस की विशेष टीम तुरंत दिल्ली भेजी गई। टीम ने पुरानी दिल्ली और उसके आसपास के संभावित क्षेत्रों में स्थित संदिग्धों के अस्थायी ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस टीम ने दो आरोपियों आदिल और आफताब उर्फ बग्गू को हिरासत में
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने सलीम तथा इमरान के साथ मिलकर इस बड़ी चोरी को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस पड़ताल में यह भी लेकर गिरफ्तार कर लिया।
कई संगीन आपराधिक मामले पहले से पंजीकृत
सामने आया है कि फरार आरोपी सलीम और इमरान के खिलाफ दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न पुलिस थानों में हत्या, लूट, डकैती, नकबजनी और चोरी जैसे कई संगीन आपराधिक मामले पहले से पंजीकृत हैं। पुलिस के आने की आहट मिलते ही सलीम और इमरान मौके से भाग निकले। सुल्तानपुर थाना पुलिस अब गिरफ्तार अभियुक्तों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि चोरी किए गए जेवर तथा नकदी की सकुशल बरामदगी की जा सके और फरार साथियों को पकड़ा जा सके।