राजस्थान में राजनीतिक घमासान अभी जारी है, कांग्रेस में आपसी तनाव के बीच सोमवार को सचिन पायलट ने एक बार फिर से प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद ऐसी अटकलें लगने लगी कि कांग्रेस में वापस सब कुछ सही हो जाएगा। हालांकि राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश के नेतृत्व में किसी भी तरह के बदलाव की संभावना से इनकार कर दिया और इसे महज एक अफवाह बताया।
डोटासरा सोमवार को कांग्रेसी नेताओं के साथ 14 अगस्त से बुलाए गए विधानसभा सत्र से पहले राजस्थान स्पीकर सी.पी जोशी से मिलने के लिए यहां आए थे। इस दौरान उन्होंने कहा, 'नेतृत्व में बदलाव पर ऐसी कोई बात या चर्चा नहीं है। यह एक फर्जी और खोखली अफवाह है। अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं और वह पांच साल तक रहेंगे।'
रविवार की सीएलपी बैठक में बागी नेताओं की वापसी से जुड़े एक सवाल के जवाब में डोटासरा ने कहा कि सभी लोग बैठक में बोलने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन फैसले अंततः पार्टी आलाकमान द्वारा लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, 'हर सदस्य को अपने विचार रखने की आजादी है, लेकिन फैसले अंततः पार्टी आलाकमान द्वारा लिए जाते हैं। सब कुछ पार्टी आलाकमान के ज्ञान में है और जो भी फैसला लिया जाएगा, वह सही होगा।'
यह पूछे जाने पर कि क्या सचिन पायलट के खेमे के लिए पार्टी के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं, उन्होंने कहा, 'दरवाजे खुले थे। वे भाग गए हैं। हमने उन्हें जाने के लिए नहीं कहा है।' उन्होंने कहा कि यह अब बागी विधायकों और पार्टी हाईकमान के बीच है क्योंकि हमने उनकी वापसी पर चर्चा नहीं की।
पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख ने कहा कि पार्टी के नेताओं ने सोमवार को स्पीकर जोशी से मुलाकात की, ताकि 14 अगस्त से शुरू होने वाले सदन को सुचारू रूप से चलाया जा सके और मुद्दों पर सदन में शांति से चर्चा हो। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस बसपा के छह उम्मीदवारों के विलय के मुद्दे पर अदालत में एक पार्टी बन बनेगी क्योंकि वे अब कांग्रेस के विधायक हैं