राजस्थान में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने दो आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डमी अभ्यर्थी बैठाकर अपने जीजा को चयनित करवाने वाले आरोपी डूंगर प्रकाश को गिरफ्तार किया है, वहीं अपने बेटे को लीक प्रश्न-उत्तर पढ़वाकर एसआई बनवाने वाले फरार आरोपी देवेंद्र कुमार सैनी को अदालत से पुलिस कस्टडी में लिया है।
एसओजी की इस कार्रवाई के साथ ही इस भर्ती परीक्षा के फर्जीवाड़े में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 154 तक पहुंच गई है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि मामले की जांच के दौरान इन दोनों आरोपियों की आपराधिक भूमिका स्पष्ट हुई।
लंबे समय से फरार था आरोपी
जांच अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चिरंजीलाल मीणा ने आरोपी देवेंद्र कुमार सैनी को अदालत से पुलिस कस्टडी में प्राप्त किया। एसओजी की जांच में सामने आया कि देवेंद्र कुमार सैनी ने पूर्व में गिरफ्तार हो चुके आरोपी राजकुमार यादव के माध्यम से अपने बेटे रवींद्र सैनी को परीक्षा से पहले लीक हुए प्रश्न-उत्तर पढ़ने में सहायता की थी। लीक पर्चा पढ़कर रवींद्र ने लिखित परीक्षा पास की और अंततः सब-इंस्पेक्टर के पद पर चयनित हो गया।
देवेंद्र कुमार सैनी ने राजकुमार यादव के दूसरे बेटे भारत यादव को भी लीक प्रश्न-उत्तर उपलब्ध करवाने में मदद की थी, लेकिन भारत यादव का अंतिम चयन नहीं हो सका। आरोपी देवेंद्र कुमार सैनी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर फरार चल रहा था। एसओजी ने देवेंद्र और उसके बेटे रवींद्र कुमार सैनी की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। देवेंद्र ने जयपुर महानगर-द्वितीय के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद अदालत ने उसे पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया। आरोपी का बेटा रवींद्र अभी भी फरार चल रहा है और एसओजी उसकी तलाश कर रही है।
10 लाख रुपये में हुआ डमी अभ्यर्थी का सौदा
एसओजी की जांच में बालोतरा जिले के गुड़ामालानी थाना क्षेत्र अंतर्गत डांगरीया गांव निवासी 33 वर्षीय डूंगर प्रकाश पुत्र जयकिशन गोदारा की भूमिका भी उजागर हुई। जांच के मुताबिक डूंगर प्रकाश ने जालोर जिले के चितलवाना थाना क्षेत्र स्थित इसरोल गांव निवासी कमलेश कुमार पुत्र पांचाराम विश्नोई के साथ 10 लाख रुपये में सौदा किया था। इस सौदे के तहत 15 सितंबर 2021 को आयोजित सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा की दोनों पारियों में डूंगर प्रकाश ने अपने जीजा अशोक कुमार पुत्र लादूराम की जगह कमलेश कुमार को डमी अभ्यर्थी बनाकर परीक्षा में बैठाया था। जीजा अशोक कुमार जालोर जिले के करड़ा थाना क्षेत्र के मौखातरा गांव का निवासी है।
154वीं रैंक पर हुआ था आरोपी का चयन
डमी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा देने के बाद अशोक कुमार ने हिंदी विषय में 200 में से 180.94 अंक और सामान्य ज्ञान विषय में 200 में से 138.36 अंक हासिल किए। इन अंकों के आधार पर उसने मेरिट क्रमांक 154 हासिल कर सब-इंस्पेक्टर का पद प्राप्त कर लिया। एसओजी आईजी अजयपाल लांबा ने बताया कि फर्जी तरीके से चयनित अशोक कुमार को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। डूंगर प्रकाश को गिरफ्तार करने के बाद अब एसओजी डमी अभ्यर्थी बैठाने और पैसों के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी एसओजी
पुलिस ने आरोपी डूंगर प्रकाश को अदालत में पेश करके 17 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड पर प्राप्त किया है। एसओजी महानिरीक्षक अजयपाल लांबा और उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह के सुपरविजन में जांच टीम ने यह पूरी कार्रवाई की। एसओजी की टीम अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पेपर लीक कराने, लीक प्रश्न-उत्तर अभ्यर्थियों तक पहुंचाने और डमी अभ्यर्थियों के जरिये अनुचित चयन करवाने वाले पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।