सरकारें गरीब बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए लाख प्रयास करें लेकिन स्कूलों की मनमानी के आगे उसकी एक नहीं चलती। जिसका खामियाजा भुगतना पड़ता है बेबस अभिभावकों को।
हर बच्चे को शिक्षा दिलाने के मकसद से लागू किए गए शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) का राजस्थान में जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। यहां शुरूआती एक दो सालों में गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के बाद अब प्राइवेट स्कूल मनमानी पर उतर आए हैं। उनसे जमकर वसूली की जा रही है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार ऐसे कई मामले सामने आए हैं जब निजी स्कूल अभिभावकों से मनचाही वसूली कर रहे हैं। जयपुर निवासी मोहम्मद सरफराज ने बताया कि उनकी बेटी एक अच्छे प्राइवेट स्कूल में पढ़कर शिक्षा ले रही थी।
शुरूआती दो सालों में उसकी पढ़ाई अच्छी चली स्कूल ने उसकी ट्यूशन फीस से लेकर सभी फीस माफ कर रखी थी। लेकिन अब अचानक उन्हें लगता है कि उसे स्कूल से निकालना होगा। एक झुग्गी बस्ती में रहने वाले सरफराज ने बताया कि अब उनकी बेटी से किताबों के नाम पर 2500 रुपये की मांग की जा रही है।