Kanakati Tigress in Rajasthan: राजस्थान में कनकटी बाघिन दो लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है। खूंखार और आदमखोर हो चुकी बाघिन कनकटी को रणथंभौर नेशनल पार्क के भिड़ वन क्षेत्र में बने एंक्लोजर में छोड़ा गया है।
रणथंभौर नेशनल पार्क की आदमखोर हो चुकी बाघिन कनकटी को वन विभाग ने बुधवार को रणथंभौर के मध्य बने भिड़ नाक क्षेत्र के एंक्लोजर में छोड़ दिया है। आज सुबह बाघिन टी-84 एरोहेड की बेटी बाघिन कनकटी रणथंभौर नेशनल पार्क से सटे कुतलपुरा गांव में पहुंच गई थी। जहां बड़ी ही मुश्किल के साथ वन विभाग की टीम ने इसे ट्रेंकुलाइज किया। दो बार के प्रयास में मुश्किलों के साथ बाघिन को ट्रेंकुलाइज किया जा सका।
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ट्रेंकुलाइज करने के उपरांत वन विभाग की टीम ने जब बाघिन की पहचान कनकटी के रूप में की। तब वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ वार्ता करने के उपरांत खूंखार और आदमखोर हो चुकी बाघिन कनकटी को रणथंभौर नेशनल पार्क के भिड़ वन क्षेत्र में बने एंक्लोजर में छोड़ने का निर्णय लिया। वन विभाग की रेस्क्यू टीम बाघिन को लेकर भिड़ में बने एंक्लोजर पर पहुंची। जहां एंक्लोजर पर पहुंचकर बाघिन कनकटी को छोड़ दिया गया।
बाघिन के हमले से दो लोगों की हुई थी मौत
विशेषज्ञों के अनुसार, एंक्लोजर में छोड़ने के अलावा फिलहाल वन विभाग के पास में कोई उपाय भी नहीं बताया जाता है। गौरतलब है कि बाघिन कनकटी ने विगत एक माह में दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। विगत 16 अप्रैल को जहां बाघिन ने त्रिनेत्र गणेश मंदिर से दर्शन कर लौट रहे एक सात वर्षीय मासूम कार्तिक सुमन को मार दिया था तो वहीं दूसरी ओर 11 मई को रेंजर देवेंद्र चौधरी को मौत की नींद सुला दिया।
बाघिन को एंक्लोजर में छोड़ा
ऐसे में खूंखार बाघिन अब भी किसी पर हमला कर सकती थी। हमला करने की पूरी संभावनाओं को देखते हुए वन विभाग द्वारा आखिरकार एंक्लोजर में छोड़ दिया है। अब देखने वाली बात यह है कि आदमखोर कनकटी बाघिन को एनक्लोजर में कितने दिनों तक रखा जाएगा।