मैं गहलोत के साथ खड़ा हूं
इधर, स्वास्थ्य मंत्री परसादीलाल मीणा ने सीएम अशोक गहलोत के समर्थन का दावा किया है। उन्होंने कहा कि मैं गहलोत के साथ हूं। उनके साथ तीन बार मंत्री रह चुका हूं। हम पार्टी आलाकमान के फैसले के साथ खड़े हैं। आलाकमान जो फैसला करेगा, वह सभी को मान्य होगा।
विधायक सोलंकी ने दी थी सलाह
इससे पहले सचिन पायलट गुट के विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने एक ट्वीट किया था। उन्होंने कहा था, सभी साथियों से निवेदन है कि धैर्य और संयम बनाएं। सच्चाई की जीत होगी और हमारे नेता सचिन पायलट को उनकी मेहनत का फल जरूर मिलेगा, हमें आलाकमान पर पूरा भरोसा है। इसलिए कोई भी साथी सोशल मीडिया पर कुछ भी अनावश्यक पोस्ट और कमेंट न करें।
छोड़ना पड़ेगा सीएम पद
अशोक गहलोत के मौजूदा रुख को देखते हुए कहा जा रहा है कि राजस्थान कैबिनेट में भी फेरबदल हो सकता है। गहलोत पार्टी अध्यक्ष बने तो उन्हें सीएम पद छोड़ना होगा। राहुल गुरुवार को साफ कर चुके हैं कि एक व्यक्ति एक पद का नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। ऐसे में चर्चाएं ऐसी हैं कि सचिन पायलट को राजस्थान का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। यानी अगला चुनाव पायलट के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। वहीं, गहलोत कोशिश में होंगे कि उनके विश्वस्त और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाया जाए।