सरकारी बंगलों को अपने हिसाब से चमकाने की मंत्रियों की ख्वाहिश अफसरों पर भारी पड़ रही है। राजस्थान के 18 मंत्रियों के बंगलों की मरम्मत के लिए पीडब्लूडी ने 4 करोड़ का प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा है, लेकिन विभाग के पास बंगलों पर खर्च करने के लिए 1.80 लाख रुपए का ही बजट है।
ऐसे स्थिति में अब अधिकारी तनाव में हैं कि किस मंत्री के बंगले का बजट पास करें और किसका नहीं। ऐसे में जीएडी ने बंगलों की मरम्मत के प्रस्तावों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। गौरतलब है कि राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के सिविल लाइंस स्थित बंगले के लिए पीडब्लूडी ने 70 लाख रुपए का बजट मांगा।
इनमें से 34 लाख रुपए उनकी वाई श्रेणी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बंगले में हाई मास्क लाइट व अन्य संसाधनों के लिए मांगे गए थे। इस प्रस्ताव को सरकार से मंजूरी मिल गई। पीडब्लूडी ने बंगले के लिए 42 लाख रुपए और मांगे, पर जीएडी ने प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है।
पायलट के अलावा तकनीकी शिक्षा व संस्कृत शिक्षा विभाग के मंत्री सुभाष गर्ग के बंगले के लिए 21.49 लाख, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा के गांधीनगर स्थित बंगले के लिए 55.79 लाख, उपमुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी के सिविल लाइंस स्थित बंगले के लिए 20.47 लाख और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के बंगले के लिए 9.85 लाख रुपए के प्रस्ताव को सरकार ने फिलहाल पेंडिंग में डाल दिया है।
वहीं यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के बंगले के लिए 10.31 लाख, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के सिविल लाइंस स्थित बंगले के लिए 50.54 लाख और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला के सिविल लाइंस स्थित बंगले के लिए 24.71 लाख के प्रस्ताव सरकार पहले ही मंजूर कर चुकी है।