Rajasthan Politics: अशोक गहलोत और सचिन पायलट की पुरानी अदावत राजस्थान में खुलकर सामने आ गई है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर कुछ दिन की शांति के बाद पार्टी में घमासान मचा हुआ है। गहलोत गुट ने सीएम पद के लिए पायलट को नकार दिया है। उन्होंने साफ कहा कहा कि बगावत करने वाले विधायकों में से किसी को भी मुख्यमंत्री न बनाया जाए। इसके बाद से प्रदेश में राजनीति पारा चढ़ा हुआ है।
नाराज विधायकों ने रखीं यह तीन शर्तें
अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद सीएम पद से इस्तीफा देंगे।
जो भी मुख्यमंत्री बनेगा वह 102 विधायक में से हो जिन्होंने 2020 में सचिन की बगावत के बाद सरकार बचाने में साथ दिया था।
प्रदेश का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सहमति के बाद ही बनाया जाए।
जानें रविवार का सियासी घटनाक्रम
- 23 सितंबर को अशोक गहलोत ने काग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने का एलान किया। इसके बाद से राजस्थान के नए सीएम को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
- मुख्यमंत्री पद के दावेदार को लेकर सचिन पायलट और सीपी जोशी का नाम सामने आया। कहा गया कि अशोक गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के सीएम उम्मीदवार के लिए कांग्रेस आलाकमान को सुझाया।
- राहुल गांधी से मिलने के बाद सचिन पायलट राजस्थान में सक्रिय हो गए। उन्होंने विधायकों से मिलना शुरू कर दिया। इसमें कई विधायक गहलोत गुट के थी। ऐसा माना जा रहा था कि पायलट ही प्रदेश के नए मुख्यमंत्री हो सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान से भी ऐसे ही संकेत मिले थे।
- गहलोत गुट के विधायक लगातार कह रहे थे कि हमारी इच्छा है कि अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बने रहें। वह दानों पद पर भी रह सकते हैं।
- 24 सितंबर की रात कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई। कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली से अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को ऑब्जर्वर बनाकर जयपुर भेजा।
- राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को लेकर विधायकों से चर्चा करने के लिए मानक और खड़गे कल यानी रविवार दोपहर जयपुर पहुंचे। विधायक दल की बैठक के लिए शाम सात बजे का समय तय किया था। दोनों नेताओं के जयपुर आते ही प्रदेश की राजनीति में अचानक उबाल आ गया।
- गहलोत गुट के विधायक अचानक सक्रिय हुए और मंत्री शांति धारीवाल के घर शाम पांच बजे बैठक बुलाई। इस बैठक में पहुंचे विधायकों ने शक्ति-प्रदर्शन किया। 92 विधायकों ने इस्तीफा दिया और इसके बाद बस में सवार होकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचे।
- विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए सचिन पायलट मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन, मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहले से मौजूद थे।
- विधायकों की बैठक के कारण विधायक दल की बैठक में लगातार देरी होती रही। बैठक का समय भी बढ़ाया गया, लेकिन विधायक उसमें नहीं पहुंचे। करीब रात 9 बजे बैठक निरस्त कर दी गई।
- विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचे विधायकों में से मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और प्रताप सिंह खाचरियावास देर रात 11 बजे सीएम आवास पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। साथ ही तीन मांगों को लेकर उन्हें अपना प्रस्ताव दे दिया। मांगों पर सहमति नहीं बनने पर विधायकों का 19 अक्तूबर तक पार्टी की सभी बैठकों के बहिष्कार का एलान कर दिया।