फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan Politics: अचानक क्यों चढ़ा राजनीतिक पारा?, जानें दो दिन का सियासी घटनाक्रम और गहलोत गुट की मांगें

Mon, 26 Sep 2022 04:24 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

Rajasthan Politics: राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी घमासान जारी है। सचिन पायलट के सीएम बनने के विरोध में गहलोत गुट खुलकर सामने आ गया है। प्रदेश का नया सीएम कौन होगा, फिलहाल इस पर फैसला होता नजर नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
सचिन पायलट और अशोक गहलोत - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Rajasthan Politics: अशोक गहलोत और सचिन पायलट की पुरानी अदावत राजस्थान में खुलकर सामने आ गई है। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर कुछ दिन की शांति के बाद पार्टी में घमासान मचा हुआ है। गहलोत गुट ने सीएम पद के लिए पायलट को नकार दिया है। उन्होंने साफ कहा कहा कि बगावत करने वाले विधायकों में से किसी को भी मुख्यमंत्री न बनाया जाए। इसके बाद से प्रदेश में राजनीति पारा चढ़ा हुआ है। 

विज्ञापन

 
नाराज विधायकों ने रखीं यह तीन शर्तें  
अशोक गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद सीएम पद से इस्तीफा देंगे। 
जो भी मुख्यमंत्री बनेगा वह 102 विधायक में से हो जिन्होंने 2020 में सचिन की बगावत के बाद सरकार बचाने में साथ दिया था। 
प्रदेश का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सहमति के बाद ही बनाया जाए। 

जानें रविवार का सियासी घटनाक्रम  

  1. 23 सितंबर को अशोक गहलोत ने काग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने का एलान किया। इसके बाद से राजस्थान के नए सीएम को लेकर चर्चा शुरू हो गई। 
  2. मुख्यमंत्री पद के दावेदार को लेकर सचिन पायलट और सीपी जोशी का नाम सामने आया। कहा गया कि अशोक गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के सीएम उम्मीदवार के लिए कांग्रेस आलाकमान को सुझाया।  
  3. राहुल गांधी से मिलने के बाद सचिन पायलट राजस्थान में सक्रिय हो गए। उन्होंने विधायकों से मिलना शुरू कर दिया। इसमें कई विधायक गहलोत गुट के थी। ऐसा माना जा रहा था कि पायलट ही प्रदेश के नए मुख्यमंत्री हो सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान से भी ऐसे ही संकेत मिले थे। 
  4. गहलोत गुट के विधायक लगातार कह रहे थे कि हमारी इच्छा है कि अशोक गहलोत ही मुख्यमंत्री बने रहें। वह दानों पद पर भी रह सकते हैं। 
  5. 24 सितंबर की रात कांग्रेस ने विधायक दल की बैठक बुलाई। कांग्रेस हाईकमान ने दिल्ली से अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे को ऑब्जर्वर बनाकर जयपुर भेजा।  
  6. राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को लेकर विधायकों से चर्चा करने के लिए मानक और खड़गे कल यानी रविवार दोपहर जयपुर पहुंचे। विधायक दल की बैठक के लिए शाम सात बजे का समय तय किया था। दोनों नेताओं के जयपुर आते ही प्रदेश की राजनीति में अचानक उबाल आ गया। 
  7. गहलोत गुट के विधायक अचानक सक्रिय हुए और मंत्री शांति धारीवाल के घर शाम पांच बजे बैठक बुलाई। इस बैठक में पहुंचे विधायकों ने शक्ति-प्रदर्शन किया। 92 विधायकों ने इस्तीफा दिया और इसके बाद बस में सवार होकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचे। 
  8. विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए सचिन पायलट मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे। जहां कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन, मल्लिकार्जुन खड़गे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहले से मौजूद थे।  
  9. विधायकों की बैठक के कारण विधायक दल की बैठक में लगातार देरी होती रही। बैठक का समय भी बढ़ाया गया, लेकिन विधायक उसमें नहीं पहुंचे। करीब रात 9 बजे बैठक निरस्त कर दी गई।
  10. विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के घर पहुंचे विधायकों में से मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और प्रताप सिंह खाचरियावास देर रात 11 बजे सीएम आवास पहुंचे। यहां उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। साथ ही तीन मांगों को लेकर उन्हें अपना प्रस्ताव दे दिया। मांगों पर सहमति नहीं बनने पर विधायकों का 19 अक्तूबर तक पार्टी की सभी बैठकों के बहिष्कार का एलान कर दिया।
विज्ञापन

आज सोमवार को क्या हुआ? 
  1. राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा सोमवार सुबह जयपुर में होटल मैरिएट में दोनों पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और माकन से मिलने पहुंचे। उन्होंने विधायकों की रायशुमारी को लेकर चर्चा की।
  2. अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने गहलोत समर्थक विधायकों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह अकेले बात करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद माकन ने कहा कि सोनिया गांधी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
  3. विधायकों के विरोध पर सचिन पायलट का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि 'मैं अभी दिल्ली नहीं जा रहा हूं, जयपुर में ही हूं'। 
  4. जयपुर के मैरियट होटल में अशोक गहलोत ने पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक नेताओं की चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान माकन गहलोत से नहीं मिले। कुछ देर बाद दोनों नेता दिल्ली के लिए रवाना हो गए।  
  5. राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में कमलनाथ की भी एंट्री हो गई है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है। कमलनाथ गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच सुलह कराने की कोशिश करेंगे। 
  6. रविवार से शुरू हुए घमासान के बाद भी प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का चयन नहीं हो सका है। दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों ने गहलोत गुट के विधायकों की बैठक को अनुशासनहीनता बताया है। उन्होंने कार्रवाई की बात भी कही है। हलांकि, सवाल अब भी यही बना हुआ है कि प्रदेश का नया सीएम कौन होगा। 

 

खबरें ये भी हैं...

राजस्थान में क्यों मचा है मुख्यमंत्री पद के लिए घमासान

पत्रकार से नेता बने पायलट फिर CM पद के दावेदार, ऐसा रहा सियासी सफर

वो लड़का जिसे डॉक्टर बनना था, अब बन सकता है कांग्रेस अध्यक्ष  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें