राजस्थान में जारी सियासी घमासान के बीच पहली बार सचिन पायलट ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। अपने भाजपा में जाने की अटकलों पर विमान लगाते हुए उन्होंने कहा कि मैं कभी भाजपा में नहीं जाउंगा। उनका कहना है कि वह पार्टी के अंदर रहकर अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी केवल अशोक गहलोत की नहीं बल्कि उनकी भी है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर उन्होंने कहा कि मैंने अबतक पार्टी के खिलाफ कुछ नहीं कहा है। पायलट ने कहा, 'मैं सभी आरोपों के जवाब दूंगा। उन्होंने कहा कि मेरी लड़ाई अशोक गहलोत से है। मैं भाजपा में कभी नहीं जाऊंगा। अदालत के फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करुंगा। जो लोग मुझे बदनाम कर रहे हैं वो कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।'
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राजस्थान हाईकोर्ट सुनाएगा फैसला
राजस्थान उच्च न्यायालय आज सियासी रण पर फैसला सुनाएगी। सचिन पायलट खेमे के विधायकों ने स्पीकर के नोटिस के खिलाफ अदालत का रुख किया था। पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने राजस्थान स्पीकर को बागियों के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई न करने का आदेश सुनाया था। इसके बाद स्पीकर ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने भी सुनवाई टालने से मना कर दिया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें उच्च न्यायालय के फैसले पर टिकी हुई हैं।
क्या है पायलट-गहलोत का दावा
पायलट खेमे का कहना है कि वो पार्टी के अंदर रहकर अपनी आवाज उठा रहे हैं और पार्टी बैठक पर व्हिप लागू नहीं होती है। ऐसा केवल विधानसभा सदन के लिए होता है। वहीं गहलोत खेमे का कहना है कि बागियों ने पार्टी नियमों का उल्लंघन किया है। वे भाजपा के साथ मिलकर सरकार गिराने की कोशिश कर रहे थे, जो उनकी मंशा को दिखाता है।