बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने राजस्थान उच्च न्यायालय में कांग्रेस पार्टी के साथ छह बसपा विधायकों के विलय के खिलाफ भाजपा की याचिका में पार्टी बनने की मांग की। इसपर राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता, आरपी सिंह से कहा है कि वे भाजपा द्वारा याचिका के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष से सारी जानकारी लें और दोपहर दो बजे तक अदालत को इसके बारे में सूचित करें।
स्पीकर ने वापस ली याचिका
राजस्थान स्पीकर के वकील कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय से याचिका वापस लेने का अनुरोध किया। सिब्बल ने कहा कि मसले पर सुनवाई की जरूरत नहीं है। विचार करके हम दोबारा अदालत आएंगे। इसके बाद अदालत ने उन्हें याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी है।
अनिल चौधरी को हिरासत में लिया गया
कांग्रेस देशभर में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी को कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लिया गया। उन्हें प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया है। वहीं कांग्रेस सोमवार को राजस्थान में प्रदर्शन नहीं करेगी।
राजभवन ने लौटाई फाइल
राजभवन ने विधानसभा सत्र बुलाने से संबंधित फाइलें राज्य के संसदीय कार्य विभाग को वापस कर दी है। राजभवन ने राज्य सरकार से कुछ अतिरिक्त विवरण भी मांगे हैं। विधानसभा सत्र पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह जानकारी सूत्रों के द्वारा दी गई है।
संवैधानिक और कानूनी स्थिति पैदा हो गई है: सतीश पूनिया
राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बसपा द्वारा अपने विधायकों को व्हिप जारी कर सदन में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने को लेकर कहा, 'बसपा के महासचिव एससी मिश्रा ने राज्यपाल और विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बसपा-कांग्रेस के कथित विलय को असंवैधानिक बताया है। याचिका पर सोमवार को राजस्थान उच्च न्यायालय में सुनवाई होनी है। एक संवैधानिक और कानूनी स्थिति पैदा हो गई है। या तो उच्च न्यायालय को फैसला करना चाहिए या राज्यपाल को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए।'