Rajasthan Political Crisis: जयपुर के रामबाग पोलो ग्राउंड में मैच देखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, तीन मंत्री और दो विधायक पहुंचे थे। इनमें मंत्री लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, उदयलाल आंजना, विधायक और सीएम गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा और सुदर्शन सिंह रावत शामिल थे।
राजस्थान के नए मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में मचे घमासान के बीच सोमवार को जयपुर में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। गहलोत गुट के कुछ विधायक जयपुर के रामबाग पोलो ग्राउंड में कानोता पोलो कप का फाइनल मुकाबला देखने पहुंच गए। इस मुकाबले में गहलोत सरकार में खेल मंत्री अशोक चांदना भी खेल रहे थे। दर्शक दीर्घा में बैठे साथी विधायक और मंत्री उनका उत्साह बढ़ा रहे थे।
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रामबाग पोलो ग्राउंड में मैच देखने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, तीन मंत्री और दो विधायक पहुंचे थे। इनमें मंत्री लालचंद कटारिया, राजेंद्र यादव, उदयलाल आंजना, विधायक और सीएम गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा और सुदर्शन सिंह रावत शामिल हैं। गहलोत गुट के यह वही विधायक हैं जिन्होंने कल इस्तीफे का एलान किया था।
मैच के दौरान शॉट लगा रहे खेल मंत्री अशोक चांदना एक बार जमीन पर भी गिर गए। सियासी संकट के बीच गहलोत गुट विधायकों के मैच देखने जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। अशोक चांदना के गिरने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर शेयर किया जा रहा है। मैच के दौरान खेल मंत्री अशोक चांदना ने दो गोल किए, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। जनरल अमर सिंह कानोता कप का फाइनल मुकाबला मास बुचिज ने जीता।
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आज का सियासी घटनाक्रम
राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद डोटासरा सोमवार सुबह जयपुर में होटल मैरिएट में दोनों पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे और माकन से मिलने पहुंचे। उन्होंने विधायकों की रायशुमारी को लेकर चर्चा की।
अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने गहलोत समर्थक विधायकों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह अकेले बात करने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद माकन ने कहा कि सोनिया गांधी को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगे।
विधायकों के विरोध पर सचिन पायलट का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि 'मैं अभी दिल्ली नहीं जा रहा हूं, जयपुर में ही हूं'।
जयपुर के मैरियट होटल में अशोक गहलोत ने पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की मुलाकात की। करीब आधे घंटे तक नेताओं की चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान माकन गहलोत से नहीं मिले। कुछ देर बाद दोनों नेता दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
राजस्थान के सियासी घटनाक्रम में कमलनाथ की भी एंट्री हो गई है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली बुलाया है। कमलनाथ गहलोत और सचिन पायलट गुट के बीच सुलह कराने की कोशिश करेंगे।
रविवार से शुरू हुए घमासान के बाद भी प्रदेश के नए मुख्यमंत्री का चयन नहीं हो सका है। दिल्ली से आए पर्यवेक्षकों ने गहलोत गुट के विधायकों की बैठक को अनुशासनहीनता बताया है। उन्होंने कार्रवाई की बात भी कही है। हलांकि, सवाल अब भी यही बना हुआ है कि प्रदेश का नया सीएम कौन होगा।