पहले पर्यवेक्षक के रूप में अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे आए थे जयपुर।
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सूत्रों का कहना है कि 1 अक्टूबर को कांग्रेस पर्यवेक्षक जयपुर आ सकते हैं। साथ ही इसी दिन विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री को लेकर प्रस्ताव पारित किया जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस आलाकमान के सामने समस्या अब भी यही है कि गहलोत गुट के विधायक अपनी बात पर अड़े हुए है। उनका कहना है कि सीएम बगावत के समय साथ देने वाले 102 विधायकों में से ही बनना चाहिए।
आज यानी गुरुवार दोपहर को अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। गहलोत जब सोनिया गांधी से मिलने जा रहे थे तो उनके हाथ में कुछ कागज भी थे। जिसमें से एक को माफीनामा बताया जा रहा है। इस पर लिखा हुआ था कि जो कुछ भी हुआ उसका दुख है, इससे मैं आहत हूं। सोनिया गांधी से करीब डेढ़ घंटे की मुलाकात के बाद सीएम ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा- कि वह कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे। मैंने हमेशा कांग्रेस में वफादार सिपाही के रूप में काम किया है। विधायक दल की बैठक से पहले जो हुआ उससे मैं आहत हूं। मैं सीएम रहूंगा या नहीं इस पर फैसला हाईकमान करेगा।
जो गलती नहीं की उसकी माफी: जोशी
सीएम गहलोत के सोनिया गांधी से माफी मांगने पर उनके समर्थक मंत्री महेश जोशी ने कहा कि गहलोत ने उस गलती की माफी है जो उन्होंने की ही नहीं। यह उनकी नैतिकता और चरित्र है। जोशी ने कहा कि अशोक गहलोत ने हमेशा से आलाकमान को ही सर्वोपरि रखा है। बता दें कि महेशी जोशी उन्हीं नेताओं में शामिल हैं जिन्हें अनुशासनहीनता को दोषी मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कांग्रेस की नेताओं को सख्त सलाह
कांग्रेस पार्टी ने सभी नेताओं को सलाह दी है कि वे किसी भी नेताओं के खिलाफ या पार्टी के आंतरिक मामलों के बारे में सार्वजनिक बयान न दें। अगर इस एडवाइजरी का कोई उल्लंघन किया जाता है तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।