राजस्थान पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी का पैटर्न बदलने की कवायद शुरू हो गई है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय ने वर्दी को अधिक आरामदायक, व्यावहारिक और ड्यूटी की प्रकृति के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आठ सदस्यीय समिति गठित की है।
डीजी संजय अग्रवाल की ओर से 9 अक्तूबर को जारी आदेश के अनुसार यह समिति मौजूदा वर्दी के पैटर्न की गहन समीक्षा करेगी। साथ ही, पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से वर्दी में सुधार और बदलाव के संबंध में सुझाव मांगे हैं। संबंधित इकाइयों को अपने अधिकारियों और कर्मचारियों से व्यापक विचार-विमर्श कर 10 दिन में सुझाव भेजने होंगे।
समिति करेगी वर्दी की समीक्षा
आठ सदस्यीय समीक्षा समिति पुलिस महकमे की विभिन्न शाखाओं में इस्तेमाल होने वाली वर्दी के वर्तमान डिजाइन का मूल्यांकन करेगी। इसमें सामान्य पुलिस, आरएसी, यातायात पुलिस, विशेष इकाइयों और प्रशिक्षण संस्थानों में उपयोग की जाने वाली वर्दी को शामिल किया है। समिति का मुख्य कार्य वर्दी को पुलिसकर्मियों के लिए दैनिक काम-काज में अधिक व्यावहारिक और आरामदायक बनाना है। पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार यह समिति प्रदेशभर से मिलने वाले सभी सुझावों का अध्ययन करके आवश्यक सुधारों पर विचार करेगी।
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समिति में शामिल पुलिस अधिकारी
आठ सदस्यीय समिति में पुलिस महकमे के प्रमुख अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें एसओजी आईजी अजय पाल लांबा, जयपुर रेंज के आईजी राहुल प्रकाश, कानून एवं व्यवस्था के डीआईजी अरशद अली, सुरक्षा की डीआईजी ममता गुप्ता, जयपुर ग्रामीण के एसपी हनुमान प्रसाद मीणा, सतर्कता की एएसपी मिताली गर्ग, आरपीए एएसपी राजेंद्र सिंह और आरएसी के डीएसपी आदित्य पूनिया शामिल हैं। कानून एवं व्यवस्था के डीआईजी अरशद अली समिति के सदस्य सचिव होंगे। यह समिति 10 दिन में प्राप्त सुझावों पर मंथन कर वर्दी में बदलाव से जुड़ी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।