राजस्थान फोन टैपिंग केस मामले में सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाने की मांग के मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) संजय जैन ने कहा- लोकेश शर्मा इन्वेस्टिगेशन में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनकी ओर से गिरफ्तारी से अंतरिम राहत का दुरूपयोग किया जा रहा है। इस कारण दिल्ली पुलिस अपनी जांच को आगे नहीं बढ़ा पा रही है और केस में चार्जशीट भी पेश नहीं हो पा रही है। इसलिए गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटाया जाए।
जांच में हर तरह का सहयोग किया जा रहा-सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा
जवाब में सीएम गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा की तरफ से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए कहा कि लोकेश शर्मा की ओर से जांच में हर तरह का सहयोग किया जा रहा है। जिसे ये (दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच) देखना नहीं चाहते हैं। इस दौरान समय की कमी की वजह से कोर्ट में सुनवाई पूरी नहीं हो पाई। मामले की अगली सुनवाई की तारीख 31 मई को दी गई है। तब तक OSD लोकेश शर्मा की गिरफ़्तारी पर रोक रहेगी।
क्या है पूरा मामला?
फोन टैपिंग मामले पर मार्च 2021 में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दिल्ली में लोकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। दरअसल, साल 2020 में राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके खेमे के 19 विधायकों ने गहलोत सरकार से बगावत की थी। ऐसे में अशोक गहलोत सरकार पर आए सियासी संकट के दौरान ही फोन टैंपिंग मामला सामने आया था।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का कथित ऑडियो हुआ था वायरल
जुलाई 2020 में जब राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कैंप ने बगावत कर दी थी। तब कथित तौर पर उस वक्त केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का एक ऑडियो वायरल हुआ था। इसके आधार पर राजस्थान सरकार और कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया गया था कि गजेंद्र सिंह शेखावत और बीजेपी के अन्य नेता उनकी सरकार गिराने की साजिश कर रहे हैं।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएम के OSD लोकेश शर्मा की गिरफ्तारी पर लगाई थी रोक
फोन टैपिंग का कथित ऑडियो सीएम अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा के जरिए वायरल करने का आरोप लगा था। मामले में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे निजता का उल्लंघन बताते हुए दिल्ली पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। लोकेश शर्मा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट की शरण ली थी, जिस पर हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी, जबकि उन्हें पुलिस जांच में सहयोग करने को कहा गया था। तभी से पुलिस कई बार ओएसडी लोकेश शर्मा से पूछताछ कर चुकी है।
21 मार्च को 9 घंटे तक दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने की थी पूछताछ
इसी के तहत पिछली बार 21 मार्च 2023 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लोकेश शर्मा से 9 घंटे तक पूछताछ की थी । इस दौरान उनसे 70 सवाल पूछे गए थे। जिनमें विधायकों की खरीद-फरोख्त वाली ऑडियो मिलने वाले दिन उनकी किन-किन से बात हुई? सीएम गहलोत से दिन भर में कितनी बार बात होती है? ऑडियो उनके पास कहाँ से आया, क्या सोर्स था। वो मोबाइल कहाँ है जिससे ऑडियो वाइरल किया गया। ऐसे सवाल उनसे पूछे गए। इस दौरान उन्हें 40 मिनट का लंच ब्रेक भी दिया गया था।