राजस्थान के अजमेर जिले में सैकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग को लेकर मंगलवार को एबीवीपी ने प्रदर्शन कर रैली निकाली। इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की पुलिस अधिकारियों से नोक-झोंक के बाद हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
एबीवीपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य आशुराम डूकिया ने बताया कि मंगलवार को सैकेंड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने को लेकर आरपीएससी के बाहर धरना दिया गया। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने आरपीएससी सचिव को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
डूकिया ने कहा कि सरकार दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जिससे आए दिन पेपर लीक किए जा रहे हैं। इससे पहले हुए पेपर लीक मामले की जांच अब तक पूरी नहीं हुई है। आए दिन पेपर लीक होने से बेरोजगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे अभ्यर्थी मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। सरकार की लापरवाही से उन पर मानसिक और आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
दरअसल, मंगलवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता माया मंदिर के पास इकट्ठे होकर रैली के रूप में आरपीएससी की तरफ गए। इस दौरान एबीवीपी के कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे। आरपीएससी पहुंचने पर वहां मौजूद पुलिस जवानों ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच नोकझोंक और फिर हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
बाद में एबीवीपी प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आसुराम डूकिया, एमडीएसयू छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल गोदारा, प्रांत कार्यकारिणी सदस्य दिनेश चौधरी, महानगर सहमंत्री उदय सिंह शेखावत, एबीवीपी छात्र नेता राजेंद्र कालस ने आरपीएससी सचिव से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने सहित अन्य मांगें की गईं थी।