राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 में पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का चुनाव ईवीएम से कराया जाएगा। चुनाव चार चरणों में होने की स्थिति में भी सभी चरणों की मतगणना जिला स्तर पर एक ही दिन कराकर परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने ईवीएम के रेंडमाइजेशन, रिजर्व मशीनों की तैयारी, वितरण और मतदान के बाद संग्रहण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
आयोग के अनुसार प्रत्येक चरण में मतदान केंद्रों की संख्या के मुकाबले 130 प्रतिशत ईवीएम उपलब्ध रखी जाएंगी। इनमें 100 प्रतिशत मशीनें मतदान के लिए और 30 प्रतिशत मशीनें रिजर्व रहेंगी। पहले चरण में इस्तेमाल नहीं हुई रिजर्व मशीनों को तीसरे चरण में और दूसरे चरण की बची रिजर्व मशीनों को चौथे चरण में इस्तेमाल किया जाएगा।
मतदान से 5-7 दिन पहले पहला रेंडमाइजेशन
पहले और दूसरे चरण के लिए मशीनों का पहला रेंडमाइजेशन मतदान की तारीख से 5-7 दिन पहले किया जाएगा। ई-सूची (esuchi) सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंचायत समिति वार 130 प्रतिशत मशीनें आवंटित होंगी। तीसरे और चौथे चरण के लिए भी मतदान से 5-7 दिन पहले यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पहले और दूसरे चरण के बाद बची अप्रयुक्त रिजर्व मशीनों को अगले चरण के लिए शामिल किया जाएगा।
मतदान से 3-4 दिन पहले बूथवार मशीन तैयार
दूसरा रेंडमाइजेशन मतदान से 3-4 दिन पहले होगा। इसमें पंचायत समिति वार आवंटित मशीनों को मतदान केंद्र वार निर्धारित किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर मशीनों की कमीशनिंग कर उन्हें संबंधित बूथ के लिए तैयार किया जाएगा। तैयार मशीनों को मतदान दलों की रवानगी के समय वितरित किया जाएगा।
जरूरत पड़ने पर रिजर्व मशीन मौके पर तैयार होगी
किस मतदान केंद्र पर कौनसी रिजर्व मशीन इस्तेमाल होगी, यह पहले से तय नहीं रहेगा। किसी मशीन में खराबी आने पर संबंधित रिजर्व मशीन को पंचायत समिति स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञ या कंपनी इंजीनियर के जरिए तैयार किया जाएगा और जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से संबंधित मतदान केंद्र तक पहुंचाया जाएगा।
MPSV और MPMV मॉडल की मशीनों में रिजर्व मशीन तैयार करते समय जिला परिषद और पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र की संख्या के आधार पर कोड दर्ज किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर जिला परिषद क्षेत्र संख्या 11 और पंचायत समिति क्षेत्र संख्या 51 होने पर वार्ड नंबर 1151 दर्ज किया जाएगा।
मतदान के बाद मशीनें पहले पंचायत समिति स्तर पर जमा होंगी
मतदान समाप्त होने के तत्काल बाद सीलबंद ईवीएम और अन्य चुनाव सामग्री संबंधित जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में पंचायत समिति के निर्धारित संग्रहण स्थल पर जमा कराई जाएगी। इसके बाद इन्हें पुलिस सुरक्षा के साथ जिला मुख्यालय स्थित निर्धारित संग्रहण स्थल तक पहुंचाया जाएगा।
प्रयुक्त, अप्रयुक्त और खराब मशीनों को अलग-अलग रखा जाएगा। अप्रयुक्त रिजर्व मशीनों की एफएलसी (फर्स्ट लेवल चेकिंग) कराने के बाद उन्हें अगले चरण में फिर इस्तेमाल किया जाएगा।
राजनीतिक दलों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी देनी होगी
आयोग ने ईवीएम की तैयारी, सीलिंग, कमीशनिंग, परिवहन, स्ट्रांग रूम में भंडारण और मतगणना सहित सभी प्रक्रियाओं में निर्धारित प्रोटोकॉल की पालना के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक दलों को भी पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने को कहा गया है। ईवीएम की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की होगी।