रेप मामले में आरोपी और केंद्र सरकार में रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री निहाल चंद मेघवाल को हटाने की मांग तेज हो गई है। राजस्थान से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक पार्टियां और सामाजिक कार्यकर्ता निहाल चंद के इस्तीफा की मांग पर जोर दे रहे हैं।
साथ ही मंत्री को बर्खास्त नहीं करने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साध रहे हैं। इस बीच निहाल चंद ने कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं और वह निर्दोष हैं। इस कारण इस्तीफा नहीं देंगे।
वहीं कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों के हमलों को देखते हुए इस मामले में राजस्थान सरकार और भाजपा को सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा है।
कांग्रेस ने लगाए आरोप
कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पीड़िता पर मामला वापस लेने का दबाव डाला जा रहा है। दिल्ली में कांग्रेस की महिला इकाई ने भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन किया और निहाल चंद के इस्तीफे की मांग की।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के खिलाफ हिंसा के प्रति जीरो टालरेंस की बात करते हैं, लेकिन बलात्कार के आरोपों से घिरे मंत्री को मंत्रिपरिषद में बनाए हुए हैं।
राजस्थान की सामाजिक कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने कहा है कि पीड़ित महिला को लगातार धमकाया जा रहा है। निहाल चंद को या तो खुद इस्तीफा दे देना चाहिए या प्रधानमंत्री को उन्हें पद छोड़ने को कहना चाहिए।
'बीजेपी का रुख नरम'
बीजू जनता दल के नेता जय पांड्या ने कहा कि बलात्कार का आरोप बहुत गंभीर मामला है और कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उनके खिलाफ मामला तेजी से चलाया जाना चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता सुभाषिनी अली ने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश में अपराधों के बारे में तो खूब बोलती हैं लेकिन निहाल चंद के खिलाफ कुछ नहीं कर रही है।
बीजेपी नेता पक्ष में
मेघवाल पर दुष्कर्म के आरोपों को लेकर राजस्थान सरकार में चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार में उनके खिलाफ इस्तगासा हुआ था। उसमें जांच हुई, वे निर्दोष पाए गए थे।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने एफआर लगा दी थी। कोर्ट ने भी एफआर मंजूर कर ली थी। कुछ लोग रिवीजन में चले गए। इसको राजनीतिक रूप देने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि निहाल चंद का मामला राजस्थान में गहलोत सरकार के समय का है। उसके समय ही मामला बंद किया गया था, इसलिए कांग्रेस को इस बारे में गहलोत से ही पूछना चाहिए।