जैतारण पुलिस थाने में दुष्कर्म के मामले में पकड़े गए राकेश नाम के आरोपी ने फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया, आरोपी को एक दिन पहले ही गिरफ्तार किया गया था।
ब्यावर के जैतारण थाने की बैरक में दुष्कर्म के आरोपी ने कंबल फाड़कर फांसी का फंदा बनाया और खुदकुशी कर ली। घटना गुरुवार रात की है । शुक्रवार सुबह जब संत्री गश्त के लिए बैरक में पहुंचा तो वहां बंदी फंदे से लटका हुआ मिला। इसके बाद जेल के अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई। घटना की सूचना मिलने पर जैतारण डीएसपी सीमा चोपड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ और जैतारण एसडीएम श्यामसुंदर विश्नोई थाने पर पहुंचे। एसडीएम की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कर शव को फंदे से उतारा गया और अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।
घटना के बाद मृतक राकेश के परिजनों ने जैतारण थाना पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। ब्यावर एसपी नरेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक राकेश को गैंगरेप और 376 एक्ट के तहत दर्ज मामले में पकड़ा गया था, जिसने गुरुवार को थाने में बने बैरक में आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक राकेश और उसके साथियों के खिलाफ एक महिला ने गैंगरेप का मुकदमा जैतारण थाने में दर्ज कराया था, जिसकी जांच सीओ सीमा चोपड़ा द्वारा की जा रही थी।
मामले के तहत राकेश पुत्र नाथूराम को कल शाम गिरफ्तार किया गया था बाकी अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही थी। पुलिस के अनुसार राकेश के खिलाफ 376 के पहले भी दो प्रकरण दर्ज हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राकेश ने जिस बैरक में कंबल फाड़कर फांसी का फंदा लगाया, यह पूरी वारदात थाने पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। एसपी नरेंद्र सिंह ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज चेक करने के बाद इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मी के विरुद्ध नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।