भांग छानने की तैयारी करते आयोजक।
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होली रंग का त्योहार है...लेकिन लोगों पर इसका उत्साह सर चढ़कर बोलता है। अलग-अलग जिलों और राज्यों में इसका अलग की खुमार होता है। इसी तरह राजस्थान के बीकानेर में होली से पहले भांग सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। यह 15 मार्च तक चलेगा। रोजाना दोपहर 12 से दो बजे तक इसका आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग भांग पी रहे हैं।
पहले साफी साफ कर, पीछे रंग लगाय, चला जाए कैलाश को, शिव को शीश नवाय इस घोष के बाद रोजाना भांग का छनाव शुरू होता है। परशानियों से बचने के लिए छनाव के साथ-साथ ईष्ट की आराधना भी की जाती है। छनाव के पूरा होते मां की स्तुति की जाती है और फिर हर-हर महादेव के जयकारे के साथ शुरू होता है, भांग पीने और मौज-मस्ती करने का सिलसिला। मोहता चौक पर 15 मार्च तक यह सिलसिला रोजाना चलने वाला है, इसमें सैकड़ों लोग शामिल हो रहे हैं।
यह आयोजन दोपहर करीब 12 बजे से शुरू होकर दो घंटे तक चलता है। इस दौरान पांच से सात किलो भांग का छनाव होता है। भांग छनाव कार्यक्रम के आयोजक बबला महाराज बताया कि अभी भांग का छनाव पानी में किया जा रहा है, लेकिन कल से दूध, ड्राई फ्रूट, केसर, काजू और अंजीर के मिश्रण में भांग का छनाव किया जाएगा।
भांग सम्मेलन में पहुंचने वाले के लिए आयोजकों ने नाश्ते की व्यवस्था भी की है। यहां विजया प्रेमियों के लिए मिठाई, नमकीन और आइसक्रीम की व्यवस्था है। लोगों का मानना है कि भाग पीने के बााद मिठाई और आइसक्रीम खाने से इसका नशा और ज्यादा चढ़ाता है। उनका कहना है कि होली के दिनों में भांग का नशा और हुडदंग मान्य होता है है।