सीएम अशोक गहलोत ने कृषि आयोग के नए अध्यक्ष का किया स्वागत।
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किसान आयोग के नए अध्यक्ष महादेव सिंह और उपाध्यक्ष दीपचंद खैरिया ने मंगलवार को पदभार ग्रहण कर लिया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि आयोग क्यों बनाया गया है इसका उद्देश्य सभी जानते हैं। आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पूरी कमेटी कृषि क्षेत्र में काम करने के लिए बेहतर सुझाव देगी।
किसानों के लिए सरकार क्या कर सकती है इसे लेकर मेरे और सरकार के पास सुझाव आएंगे, इससे हमें मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र बहुत बड़ा है, इसे लेकर काफी समय से चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन अब किसानों की आय बढ़ाने उन्हें बेहतर सुविधाएं देने का समय आ गया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था कि वे 2022 में किसानों की आय दोगुनी कर देंगे, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए हैं।
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- सीएम ने कहा- किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए सरकार ने लगातार योजनाएं लागू कर रही है। साथ ही कई नवाचार भी कर रही है। पहली बार 23 तारीख को किसानों के लिए अलग बजट पेश करने को लेकर हम तैयारियों में लगे हुए हैं। ये सरकार का एक अच्छा प्रयास है। इसमें कुछ कमियां रह सकती हैं, लेकिन हमारे पास आने वाले सुझावों के साथ अगली बार हम उसमें और सुधार करेंगे।
- सीएम ने कहा- कृषि बजट अलग से पेश करना सरकार की एक शुरूआत है। हमारी कोशिश है कि किसानों के लिए अलग से बिजली कंपनी बने। यह एक बड़ा काम है इसलिए अभी इसमें कुछ समस्याएं आ रही हैं, जैसे जीएसएस और सिस्टम को अलग कैसे करें, हालांकि इसे लेकर काम चल रहा है। नए कृषि बजट में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेतों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने के लिए छूट दी गई है। साथ ही करोड़ों रुपए का अनुदान भी है।
- सीएम ने कहा- कृषि आयोग के अध्यक्ष नारायण सिंह बने थे तब मैं कुछ किसानों को लेकर इजरायल गया था। वहां भी पहले रेगिस्तान के इलाके थे, लेकिन अब उनकी खेती की विश्व में पहचान है। मुझे वहां ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकल, फर्टिलाइजर को मिक्स कर इरिगेशन करने जैसी कई नई तकनीके देखने को मिली थी। सरकार का प्रयास है कि इस तरह की नई तकनीकों का लाभ प्रदेश के किसानों को भी मिले।
तब मैं सोचता था अंग्रेजी क्या काम आएगी
सीएम ने कहा कि केंद्र की डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने कानून बनाकर अधिकार देने के युग की शुरुआत की थी। तब की सरकार ने सूचना का अधिकार, खाद्य सामग्री का अधिकार और राइट टू एजुकेशन जैसे कई कानून दिए। इससे गरीब का बच्चा भी स्कूल जा सकता है। अब जमाना बदल गया है, प्रदेश में कई बच्चे हैं जो इंग्लिश नहीं सीखते, बाद में बड़े होकर उन्हें तकलीफ होती है। उन्होंने कहा कि मैं खुद बचपन से अंग्रेजी का विरोधी रहा हूं। कल ही मैंने विधानसभा में कहा था कि एक समय में दक्षिण के अंदर हिंदी का विरोध होता था और हम लोग अंग्रेजी का विरोध करते थे। उस समय मैंने सोचा कि अंग्रेजी क्या काम आएगी? इस कारण हमारी भी अंग्रेजी में बात करने की आदत नहीं पड़ी और अब तो बस तुक्का लगाकर काम चल रहा है।
कौन है आयोग के नए अध्यक्ष
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महादेव सिंह को किसान आयोग का नया अध्यक्ष बनाया गया है। वे करीब सात बार विधायक रह चुके हैं। एक बार मेंबर ऑफ पार्लियामेंट और केंद्रीय मंत्री के भी रह चुके हैं। उपाध्यक्ष विधायक दीपचंद खैरिया को बनाया गया है।