स्टेशन पर लगाए गए सौर ऊर्जा पैनल।
- फोटो : अमर उजाला
Solar energy conservation: बिजली बचाने के लिए रेलवे लगातार काम कर रहा है। परंपरागत संसाधनों की जगह पर पर्यावरण अनुकूल स्त्रोतों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सौर ऊर्जा का प्रयोग कर पर्यावरण को होने वाले नुकसान को बचान का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रयास से उत्तर पश्चिम रेलवे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ राजस्व की बचत भी कर रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण के बताया कि उपरे परिक्षेत्र सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए समृद्व है। अब तक हमने 7.127 एमडब्लूपी क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए हैं। इन सौलर पैनल के स्थापित होने से हर साल 79 लाख से ज्यादा यूनिट बिजली की बचत की जा रही है। इससे करीब 5 करोड़ रुपये का राजस्व बचाया जा रहा है।
शशि किरण ने बताया कि हरित ऊर्जा के अंतर्गत जयपुर स्टेशन पर 1050 केडब्ल्यूपी, अजमेर स्टेशन पर 540 केडब्ल्यूपी, जोधपुर स्टेशन पर 870 केडब्ल्यूपी, आबूरोड स्टेशन पर 300 केडब्ल्यूपी की क्षमता के सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा प्राप्त की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर वर्कशॉप में 440 केडब्ल्यूपी, अजमेर कार्यशाला में 192 केडब्ल्यूपी, जोधपुर में 200 केडब्ल्यूपी क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर में 210 केडब्ल्यूपी और मारवाड़ जंक्शन पर 120 केडब्ल्यूपी क्षमता के साथ अन्य स्टेशन पर भी सौलर पैनल लगाकर बिजली का आपूर्ति की जा रही है।
शशि किरण ने बताया कि इस साल उत्तर पश्चिम रेलवे में 8.68 मेगावाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे। सोलर प्लांट की स्थापना के लिए 533 हेक्टेयर क्षेत्रफल के 33 खाली भूखंड़ों को स्वीकृत कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर पश्चिम रेलवे के 570 स्टेशनों और 961 सर्विस बिल्डिंग्स में 100 एलईडी फिटिंग लगाई गई हैं। उप रेलवे पर लगभग 2 लाख 36 हजार 452 एलईडी लाइट फिटिंग लगाई गई हैं। इससे 103 लाख यूनिट बिजली की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि रेलवे का प्रयास है कि पर्यावरण और ऊर्जा संरक्षण के लिए बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है।