वायुसेना द्वारा 17 फरवरी को आयोजित किए जा रहे वायु शक्ति अभ्यास के बारे में जानकारी देते हुए भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल एपी सिंह ने बताया कि इस शक्ति प्रदर्शन में हवा से हवा में मार करने वाली राफेल की MICA और LCA तेजस से R-73 मिसाइलें दागी जाएंगी।
अभ्यास के दौरान सेना रुद्र हेलिकॉप्टर से हथियार दागेगी और सेना के अल्ट्रा लाइट होवित्जर को चिनूक हेलिकॉप्टर के नीचे लटकाकर प्रदर्शित किया जाएगा। राफेल लड़ाकू विमान और प्रचंड हेलिकॉप्टर पहली बार अभ्यास में हिस्सा लेंगे। सतह से हवा में मार करने वाली हथियार प्रणाली समर भी पहली बार इस अभ्यास का हिस्सा होगी।
1954 से चल रहे वायुशक्ति अभ्यास के दौरान वायुसेना लक्ष्य पर सटीक बमबारी करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेगी। भारत में निर्मित एलसीए तेजस, प्रचंड लड़ाकू हेलीकॉप्टर और एएलएच ध्रुव भी भाग लेंगे। दो घंटे की इस अभ्यास अवधि में एक से दो किमी के दायरे में लगभग 40-50 टन युद्ध सामग्री गिराई जाएगी।
एयर मार्शल एपी सिंह ने कहा कि इस वायुशक्ति अभ्यास में राफेल लड़ाकू जेट और प्रचंड हमले के हेलिकॉप्टर सहित सभी फ्रंटलाइन विमान हिस्सा लेंगे। अभ्यास में सेना की बंदूकें भी एयरलिफ्ट की जाएंगी।