उदयपुर में हैवानियत का शिकार हुई नाबलिग को ढाई साल बाद इंसाफ मिल गया। नाबालिग से दुष्कर्म और फिर गर्भपात करने के प्रयास के दोषी को अदालत ने 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख रुपएक का जुर्माना भी लगाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उदयपुर कानोड़ थाना क्षेत्र में ढाई साल पहले एक किशोरी से दुष्कर्म और बाद में गर्भवती करने के मामले में अदालत ने लालू राम को दोषी माना है। कोर्ट ने यह भी माना कि लालू ने पीड़िता का गर्भपात करने का भी प्रयास किया। साथ ही कोर्ट ने माल थाना इंचार्ज राजेंद्र सिंह को भी मामले में लापरवाही बरतने का दोषी माना है। ऐसे में कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक को उस पर कार्यवाही कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
2017 में किया था दुष्कर्म
18 फरवरी 2019 को पीड़िता ने कनोड़ थाना क्षेत्र में एक केस दर्ज कराया था। उसने पुलिस के बताया कि साल 2017 में वह छुट्टियां मनाने के लिए घर आई थी। इस दौरान लसाड़िया क्षेत्र के केलवाड़ा गांव के रहने वाले लालू राम पुत्र नारू मीणा ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी लालू डरा-धमकाकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म करता रहा।
2018 में पीड़िता के गर्भवती होने पर उसने गर्भपात कराने के लिए उसे मिठाई में जहर की गोलियां खिला दीं। साथ ही उस पर आत्महत्या करने का दबाव भी बनाया। आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर नबालिग ने खुदकुशी का प्रयास भी किया। बाद में पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया। जनवरी 2019 में पीड़िता ने एक बच्चे को भी जन्म दिया था।