फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान नीट यूजी काउंसलिंग: तीसरे राउंड का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट कल

Thu, 08 Oct 2026 03:29 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

सार

राजस्थान में नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे राउंड का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट शुक्रवार को जारी होगा। राज्य में 231 सरकारी एमबीबीएस और 317 एनआरआई कोटे की सीटें खाली हैं। तीसरे राउंड में सीट मिलने पर प्रवेश लेना अनिवार्य होगा।
 
विज्ञापन
नीट यूजी काउंसलिंग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान की 85 प्रतिशत राज्य कोटा एमबीबीएस और बीडीएस सीटों के लिए आयोजित काउंसलिंग प्रक्रिया महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई है। मेडिकल एवं डेंटल काउंसलिंग बोर्ड, जयपुर शुक्रवार को नीट यूजी काउंसिलिंग के तीसरे राउंड का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट रिजल्ट घोषित करेगा। इसके बाद, बोर्ड शनिवार, 10 अक्तूबर को फाइनल सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी करेगा। तीसरे चरण की सीटों को लेकर बोर्ड ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन सभी अभ्यर्थियों को अनिवार्य रूप से करना होगा।
विज्ञापन


अलॉट सीट पर दाखिला अनिवार्य
विशेषज्ञों देव शर्मा के अनुसार तीसरे राउंड में अलॉट हुई एमबीबीएस या बीडीएस सीट पर अभ्यर्थी को जॉइन करना अनिवार्य होगा। अगर कोई अभ्यर्थी तीसरे दौर में मिली सीट पर प्रवेश नहीं लेता है, तो उसकी जमा की गई सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा, ऐसा अभ्यर्थी आगामी स्ट्रे-वैकेंसी राउंड में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि सीट अपग्रेडेशन की सुविधा केवल तीसरे राउंड तक ही सीमित रहेगी और इसके बाद किसी भी स्थिति में अपग्रेडेशन का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा।

खाली सीटों का ब्योरा
काउंसलिंग बोर्ड के वर्तमान सीट मैट्रिक्स के अनुसार राजस्थान की कुल 2,274 सरकारी एमबीबीएस सीटों में से 231 सीटें फिलहाल खाली हैं। वहीं आरयूएचएस, सीएमएस तथा राजमेस द्वारा संचालित चिकित्सा संस्थानों में मौजूद 991 मैनेजमेंट एमबीबीएस सीटों में से 57 सीटें खाली हैं। सबसे ज्यादा सीटें एनआरआई कोटे के तहत रिक्त पड़ी हैं। प्रदेश में कुल 468 एनआरआई एमबीबीएस सीटों में से 317 सीटें अभी तक नहीं भरी हैं।
विज्ञापन


श्रेणी परिवर्तन से बढ़ेगी उम्मीद
काउंसलिंग बोर्ड ने पीडब्ल्यूडी, एनआरआई, जेंडर-पूल और नॉन-डोमिसाइल कैटेगरी की खाली सीटों के लिए श्रेणी और कोटा परिवर्तन के नियम भी जारी किए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि एनआरआई कोटे की 317 खाली सीटें नियमों के तहत सामान्य अथवा अन्य श्रेणियों में ट्रांसफर होती हैं, तो स्टेट मेरिट में शामिल अभ्यर्थियों के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट हासिल करने के अवसर काफी बढ़ जाएंगे। खाली सीटों और वैकेंट सीट मैट्रिक्स के आधार पर इस बार कई अभ्यर्थियों को सरकारी एमबीबीएस सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें