बेनीवाल ने कहा, हम कांग्रेस या अन्य दलों के राजनीतिक शिकार नहीं होना चाहते इसलिए हनुमान बेनीवाल यह प्रण लेता है कि बिना किसी लोभ-लालच के किसानों के लिए अगर मुझे संसद की सदस्यता से इस्तीफा भी देना पड़ा तो वह भी दूंगा।
सात दिसंबर को किया था ट्वीट
बता दें कि इससे पहले सात दिसंबर को बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा था कि, 12 दिसम्बर को हम सब कोटपूतली में मिलेंगे और देश के अन्नदाता के समर्थन में दिल्ली कूच करेंगे। रालोपा किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा था कि अन्नदाता सड़कों पर है। लंबे समय से आंदोलन कर रहा है।
अगर किसानों की मांगें नहीं मानी तो एनडीए छोड़ दूंगा
बेनीवाल ने कहा था, 'पिछले 15 दिनों से दिल्ली के बॉर्डर पर लड़ रहा है। इस मामले में अमित शाह को पत्र लिखकर मांग रखी। जिसमें कहा कि अगर किसानों की मांगें नहीं मानी तो एनडीए छोड़ दूंगा। आठ तारीख को भारत बंद का समर्थन करता हूं। शांतिपूर्ण भारत बंद किया जाएगा। किसान मजबूत होगा तो देश मजबूत होगा।'