भारतीय थल सेना की मेजर नव्या शेखावत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला सेना ऐड-डी-कैंप (एडीसी) बनकर इतिहास रच दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजस्थान के सीकर जिले में खंडेला ब्लॉक के केरपुरा गांव की मूल निवासी मेजर नव्या को अपना आधिकारिक एडीसी नियुक्त किया है। वे भारतीय थल सेना की पहली ऐसी महिला अधिकारी बनी हैं, जिन्हें देश के सर्वोच्च सांविधानिक प्रमुख और तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर का एडीसी बनने का गौरव प्राप्त हुआ है।
सैन्य परिवार की तीसरी पीढ़ी
मेजर नव्या अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में सैन्य वर्दी पहनकर देश की सेवा कर रही हैं। उनके दादा विंग कमांडर भंवर सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उनके पिता ग्रुप कैप्टन करणसिंह शेखावत वर्तमान में भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे रहे हैं। दादा और पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए नव्या ने बचपन से सेना में जाने का सपना देखा था। उन्होंने अपने कठिन परिश्रम से इस गौरवशाली पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया है।
कठिन प्रशिक्षण से सफलता तक
नव्या शेखावत ने संघ लोक सेवा आयोग की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज परीक्षा के माध्यम से भारतीय सेना में प्रवेश पाया। उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला गैर-तकनीकी पाठ्यक्रम की अखिल भारतीय योग्यता सूची में उत्कृष्ट स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु के चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी से अपना कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। साल 2021 में उन्हें भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन मिला। यह कॉर्प्स युद्ध और शांति दोनों समय सेना की टुकड़ियों तक ईंधन, रसद और लॉजिस्टिक्स पहुंचाती है। अपनी उत्कृष्ट सेवा के बल पर उन्होंने पांच वर्षों में मेजर रैंक हासिल कर ली।
एडीसी की जिम्मेदारी और भूमिका
साल 2026 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेजर नव्या को इस पद पर नियुक्त किया। तीनों सशस्त्र बलों की बात करें, तो वे इस पद को संभालने वाली देश की दूसरी महिला अधिकारी हैं। उनसे एक साल पहले 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी बनी थीं। राष्ट्रपति के पास कुल पांच एडीसी की विशेष टीम होती है। इसमें थल सेना से तीन, नौसेना से एक और वायुसेना से एक अधिकारी शामिल होते हैं। मेजर नव्या थल सेना के कोटे से इस मुख्य टीम का हिस्सा बनी हैं। एडीसी सीधे राष्ट्रपति के साथ तैनात रहकर सुरक्षा, प्रोटोकॉल, राजकीय समारोहों और आधिकारिक यात्राओं का प्रबंधन करते हैं।