कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर
- फोटो : सोशल मीडिया
राजस्थान की राजनीति में एक फिर हलचल शुरू हो गई है। इसकी वजह कोटा जिले के सांगोद से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर का खत है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मंत्रिमंडल से खरपतवार हटाने के लिए कहा। इस चिट्ठी के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा ने गहलोत को आड़े हाथों लिया और खरपतवार के बारे में जानकारी मांगी।
विधायक ने चिट्ठी में लिखी यह बात
जानकारी के मुताबिक, विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने राज्य में बढ़ते भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपने पत्र में हाल ही के एक मामले का जिक्र किया, जो बारां कलेक्टर इंदर सिंह राव से जुड़ा था। साथ ही, लिखा कि समाज में भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। यह वह खरपतवार है, जिसे एसीबी जितना काटे, उससे तेज गति से यह फैलती है। विधायक ने इंदर सिंह राव की नियुक्ति पर सवाल उठाया और पूछा कि इस अधिकारी को भ्रष्टाचार में ख्याति प्राप्त है। इसके बावजूद उसे बारां का जिला कलेक्टर क्यों बनाया गया?
बारां कलेक्टर पर उठाया सवाल
कांग्रेस विधायक ने पत्र में लिखा है, 'बारां के जिला कलेक्टर इंदर सिंह राव तीन दशक की नौकरी में छह बार एपीओ और एक बार सस्पेंड हो चुके हैं? ऐसे में सवाल उठता है कि उसे बारां में जिला कलेक्टर क्यों बनाया गया? यह विडंबना है कि बारां जिले में ईमानदार अधिकारी रह नहीं सकता और भ्रष्ट अधिकारी हट नहीं सकता। भरत सिंह कुंदरपुर ने अपने पत्र में लिखा, 'मुख्यमंत्री जी, आपसे अनुरोध है कि अपने मंत्रिमंडल से खरपतवार हटाएं, जिससे जनता को राहत मिले।'
भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस विधायक का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने अपने ट्वीट में लिखा, 'अशोक गहलोत जी, मंत्रिमंडल में यह कौन-सी खरपतवार है, जरा प्रकाश डालें। यह प्रश्न उठाने वाले महेंद्रजीत मालवीय की तरह कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य हैं। कृपया पत्र की वैधता जांच लें, सोशल मीडिया से आया है। सनद रहे कि यह भाजपा ने नहीं लिखवाया है।'