राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पुलिस विभाग में नौकरी के अंतिम दौर में पहुंच चुके केवल शर्मा की एक पहचान ये भी है कि उन्हें महकमे का "रेजीडेंट डॉक्टर'' भी कहा जाता है। एसएसपी ऑफिस पर ड्यूटी के दौरान पुलिस की वर्दी में वह लोगों की समस्याएं भी दूर करते हैं और उनकी बीमारी भी। सर्दी, जुकाम, खांसी, दर्द और जोडों के दर्द जैसी बीमारियां तो उनकी एक पुड़िया से ही दूर हो जाती हैं वो भी बिल्कुल मुफ्त।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार हनुमानगढ़ में एसएसपी ऑफिस में तैनात केवल शर्मा को एक अच्छा खासा वैध माना जाता है और इसकी वजह है आयुर्वेद के प्रति उनका प्रेम। अपने इसी आयुर्वेद प्रेम के कारण वह हर महीने अपनी तनख्वाह में से छह हजार की रकम जड़ी बूटियों पर खर्च करते हैं जिन्हें घर लाकर वह खुद ही दवा तैयार करते हैं। उनकी पहचान पुलिस ऑफिस में ही नहीं वहां आने वाले लोगों के बीच भी वैधजी के रूप में हो गई है।
वो बताते हैं कि वह हर महीने अपनी तनख्वाह में से छह हजार रुपये बचाकर बाजार से देशी जड़ी बूटियां खरीदते हैं। इसके बाद साप्ताहिक या अन्य छुट्टियों में घर में बैठकर उनसे दवाइयां तैयार करते हैं।
केवल कहते हैं कि जो लोग मेरे पास आते हैं मैं उन्हें मुफ्त में दवाइयां देता हूं। मैंने आयुर्वेद की कोई औपचारिक पढ़ाई नहीं की, लेकिन पुलिस में आने से पूर्व एक प्रसिद्ध वैध के साथ काम जरूर किया था।