एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी डिजिटल इंडिया जैसे अभियान चलाकर देशवासियों को सूचना क्रांति से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं वहीं खाप पंचायतें अपने तालिबानी फरमानों से लोगों में दहशत पैदा कर रहे हैं।
बुधवार को जिस समय मोदी डिजिटल इंडिया वीक का शुभारंभ करके हर किसी को मोबाइल की अहमियत समझा रहे थे उसी दौरान राजस्थान के बाडमेर जिले में एक खाप पंचायत युवतियों के मोबाइल इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगाने का फरमान सुना दिया।
खाप पंचायत ने आदेश जारी करते हुए कहा कि उनके गांव की युवतियां मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेंगी इससे उनकी संस्कृति दूषित हो रही है। पंचायत के तालिबानी फरमान यहीं नहीं रुके उन्होंने यह फरमान भी सुना दिया कि शादी में युवतियां जींस नहीं पहनेंगी जबकि लड़के केवल धोती ही पहनेंगे।
पंचायत में कुछ अच्छे निर्णय भी हुए
बाडमेर जिले के कनाना गांव में बुधवार को हुई पंचायत में 12 खेड़ा के पंचों ने यह तुगलकी निर्णय लिए। हालांकि इस दौरान कुछ अच्छे निर्णय भी लिए गए जैसे बाल विवाह पर रोक, सभी बच्चों को स्कूल भेजना, शराब पर पूरी तरह पाबंदी आदि।
इन निर्णयों की तारीफ भी हो रही है लेकिन पंचायत के युवतियों के जींस पहनने और मोबाइल इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगाने का निर्णय सवालों के घेरे में हैं।
पंचायत के कोषाध्यक्ष नागराम चौधरी बताते हैं कि शादी में आने वाला दूल्हा जब बारात के साथ आता तो उसे पारंपरिक पहनावा धोती ही पहनना होगा जबकि दूल्हन को भी घाघरा चोली पहननी पड़ेगी।
परिजनों को दी चेतावनी, लड़कियों से दूर रखें मोबाइल
हालांकि जब उनसे युवतियों के मोबाइल इस्तेमाल करने से रोकने और जींस पर पाबंदी पर सवाल पूछा गया तो उनका कहना था कि वह इसके खिलाफ नहीं हैं। यह निर्णय सिर्फ छोटी लड़कियों के लिए लिया गया है।
क्योंकि कई बार मोबाइल से खींचे गए बच्चियों के फोटो सोशल साइट्स पर वायरल हो जाते हैं जिनसे उनकी आबरू खतरे में पड़ जाती है इसलिए इस पर रोक लगाई गई। निर्णय के बाद अब सभी माता पिता इस बात का ध्यान रखेंगे कि उनकी बेटियां मोबाइल का इस्तेमाल न करें।