केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS Schemes) के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता में किसी तरह की तकनीकी बाधा न आए, इसके लिए राजस्थान सरकार ने सभी विभागों को बजट हेड मैपिंग की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के GOI Account Head के साथ राज्य बजट मद (Object Head) की मैपिंग PFMS पोर्टल पर अनिवार्य रूप से की जाए।
वित्त विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि CSS योजनाओं की GOI Account Head मैपिंग समय पर नहीं कराई गई तो केंद्र सरकार की ओर से जारी होने वाली सहायता राशि प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि विभागों को 22 मई 2026 तक पूरी प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार सभी संबंधित विभागों को अपने अधीन संचालित केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की बजट हेड मैपिंग निर्धारित प्रारूप में पूरी कर वित्त भवन स्थित संबंधित शाखा को उपलब्ध करानी होगी। विभागों को यह जानकारी ई-मेल के माध्यम से भी भेजने को कहा गया है।
यह भी पढें- यह भी पढें-
राजस्थान पुलिस के ‘सूंघने वाले योद्धा’: ANTF के डॉग स्क्वॉड ने 19 बड़े नशा तस्करी मामलों का किया खुलासा
पहले भी उठ चुके हैं तकनीकी अड़चनों के मुद्दे
जानकारी के मुताबिक केंद्र और राज्यों के बीच फंड रिलीज प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और ट्रैकिंग आधारित बनाने के बाद PFMS (Public Financial Management System) पर मैपिंग और लिंकिंग की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। पूर्व में कई राज्यों में तकनीकी त्रुटियों, गलत बजट हेड और अधूरी मैपिंग के कारण केंद्र की सहायता राशि जारी होने में देरी के मामले सामने आ चुके हैं।
राजस्थान में भी पिछले वर्षों में कुछ विभागों की योजनाओं में फंड रिलीज और उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) अपलोडिंग को लेकर केंद्र की ओर से आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इसी को देखते हुए अब वित्त विभाग ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध और सख्त निगरानी में पूरा कराने के निर्देश दिए हैं।
क्या होती है CSS योजनाओं की मैपिंग?
केंद्र प्रायोजित योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है। PFMS पोर्टल पर GOI Account Head और राज्य के बजट हेड की सही मैपिंग से फंड ट्रैकिंग, भुगतान और ऑडिट प्रक्रिया आसान होती है। मैपिंग नहीं होने की स्थिति में संबंधित विभागों को केंद्रीय सहायता मिलने में तकनीकी अड़चन आ सकती है।