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राजस्थान : फिरौती न मिलने पर प्लास से उंगली और कान काटे, सात लोग गिरफ्तार

Mon, 15 Jul 2019 12:53 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
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राजस्थान पुलिस ने रविवार को जयपुर के बगरू थाना क्षेत्र से अपहरण कर फिरौती मांगने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया साथ ही सात कुख्यात अपराधियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया तथा पुलिस ने बंधक बनाये गए तीन युवकों को मुक्त कराया है।

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पुलिस टीम जब अपहरणकर्ताओं का पीछा करते हुए अजमेर रोड पर एक टाउनशिप में पहुंची तो वहां एक फ्लैट से तीन युवकों को मुक्त कराया। जांच में सामने आया कि तीनों युवकों को बुरी तरह पीटा गया है। गिरोह के चंगुल में फंसे युवक महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और बीकानेर के रहने वाले हैं। गिरोह में शामिल एक युवती सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह के अधिकतर सदस्य हरियाणा से हैं। 
 
पुलिस आयुक्त आनन्द श्रीवास्तव ने बताया कि देर रात दो बजे पुलिस को सूचना मिली कि महापुरा में रामू ढाबे के पास गुजरात नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो गाड़ी में पांच हथियाबंद लोग सवार हैं। उन्होंने कार में आ रहे चार व्यक्तियों को हथियार दिखाकर रोक लिया और फिर उनके साथ मारपीट की और उनकी कार लूटकर ले गए। बदमाशों ने चार व्यक्तियों में से एक व्यक्ति जिसका नाम सार्थक सक्सेना है को अपनी स्कॉर्पियो कार में डाल कर अपहरण कर लिया।
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उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस दल ने नाकांबदी की। चश्मदीद लोगों से पूछताछ की गई और पता चला कि स्कॉर्पियो गाड़ी ओमेक्स सिटी के शंकरा रेजिडेंसी की ओर गई है। पुलिस ने उसके बाद 600 फ्लैट की टाउनशिप में तलाशी अभियान चलाया और अपहरण के मामलें में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से देसी हथियार भी मिले हैं। देर रात शुरू किया गया तलाशी अभियान लगभग 12 घंटे चला।

पुलिस उपायुक्त विकास शर्मा ने बताया कि जब पुलिस की टीम टाउनशिप में प्रवेश कर रही थी, उसी दौरान दल को एक व्यक्ति वहां से भागता हुआ दिखाई दिया। दल ने जब उसे पकड़ा तो पता चला कि पिछले कई दिनों से तीन युवकों को टाउनशिप में बंधक बनाकर रखा गया है। बंधकों को बुरी स्थिति में रखा गया था। पुलिस ने उन्हें मुक्त करवाया।

बदमाशों ने यह फ्लैट 15 दिन पहले ही किराये पर लिया था। फिरौती के पैसे नहीं मिलने पर ये बुरी तरह मारपीट करते थे। बदमाशों ने नुक्ताक की पैरों की उंगलियों और कान को प्लास से काट दिया था, जबकि पी मंगल के हाथ पर गोली मारी हुई थी।

शर्मा ने बताया कि टाउनशिप के कई ब्लॉकों में बने 600 फ्लैट्स की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया और साथ ही अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने तीन ब्लॉकों की पहचान की और तलाशी अभियान शुरू किया जिसमें विभिन्न ब्लॉकों में से छह आरोपियों को पकड़ा गया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों में से एक आरोपी टाउनशिप की छत के पानी के टैंक में छिपा हुआ था। आरोपियों के कब्जे से दो हथियार और 8 कारतूस बरामद किए गए हैं। अपहरणकर्ताओं से मुक्त कराए गए युवकों की पहचान आंध्र प्रदेश के मलंग शाह (34), महाराष्ट्र के लुफ्तान (20) और बीकानेर के शहजाद (35) के रूप में की गई है।

आंध्रप्रदेश के मलंग शाह एक ट्रस्ट चलाते हैं और आरोपियों ने बड़ी रकम दान में देने का झांसा देकर उन्हें बुलाया था जबकि लुफ्तान और उनके दोस्त शहजाद को सस्ती दर पर बिटकॉइन दिलाने के बहाने बुलाया गया था। 

उपायु्क्त ने बताया कि आरोपी तीनों बंधकों से फिरौती में बड़ी रकम चाहते थे। तीनों युवकों को एक बंधक बना कर रखा गया था और तीनों बंधकों में से एक भी युवक आरोपियों की मांग पूरा करने में समर्थ नहीं था। आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दे रखी थी। इस बात की जानकारी युवकों के परिजनों तक को नहीं थी। बंधक युवकों ने सारी उम्मीदों को छोड़ दिया था क्योंकि उनका किसी से संपर्क नहीं था। 

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