आपातकाल के समय जेल में रहे मीसा और डीआरआई बंदियों को पेंशन देने के राजस्थान सरकार के निर्णय पर राजस्थान हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। साथ ही सरकार से मामले पर जवाब मांगा है।
राजस्थान में भाजपा सरकार ने सत्ता में आने के बाद एक जनवरी 2014 से देश में 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान मीसा और डीआरआई कानून के तहत जेल भेजे गए लोगों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन का निर्णय लिया था।
इसके साथ ही उन्हें 1200 रुपये चिकित्सा भत्ता देने की घोषणा की थी। यह पेंशन समाज कल्याण कोष से दिए जाने की योजना थी। इसके विरोध में पाली में रहने वाले शांतिलाल जैन व मुरली मनोहर की ओर से एक याचिका राजस्थान हाईकोर्ट में लगाई गई थी।