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Rajasthan: एप-आधारित कैब में 15% महिला ड्राइवर अनिवार्य, कोर्ट का निर्देश; पुलिसिंग में ढांचागत सुधार पर जोर

Sun, 30 Nov 2025 07:39 PM IST
तरुणेंद्र चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि एप-आधारित कैब सेवाओं में छह महीनों के भीतर 15% और अगले वर्षों में 25% महिला ड्राइवर शामिल की जाएं। साथ ही साइबर अपराध रोकथाम, गिग वर्कर्स के नियमन और सिम तथा बैंक खातों की सख्त जांच समेत कई अहम निर्देश जारी किए हैं।
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राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि एप-आधारित कैब सेवाओं में आने वाले छह महीने के भीतर कम से कम 15 प्रतिशत महिला ड्राइवरों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। अदालत ने अगले दो से तीन वर्षों में इस लक्ष्य को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐप्स में महिला यात्रियों को यह विकल्प दिया जाए कि वे महिला ड्राइवर को प्राथमिकता के रूप में चुन सकें।
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ये निर्देश जस्टिस रवि चिरानिया द्वारा जारी 35 बिंदुओं वाले विस्तृत आदेश का हिस्सा हैं, जिसमें साइबर क्राइम को "अनियंत्रित और तेजी से बढ़ता खतरा" बताया गया है और प्रदेश की साइबर पुलिसिंग में ढांचागत सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

साइबर क्राइम पर कड़े निर्देश
कोर्ट ने राज्य सरकार से राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर बनाने को कहा, जो केंद्र सरकार के 4C मॉडल पर आधारित हो। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि 2024 में डीजी साइबर क्राइम की नियुक्ति के बावजूद राज्य में डिजिटल अपराधों की जांच के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
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यह आदेश उन दो गुजरातियों की जमानत अर्जी सुनवाई के दौरान आया, जो पुलिस अधिकारी बनकर एक बुजुर्ग दंपत्ति से 2.02 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में जेल में बंद हैं। कोर्ट ने दोनों की जमानत खारिज कर दी।

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अन्य प्रमुख आदेश भी दिए गए
  1. टेलीकॉम कंपनियां किसी व्यक्ति को चौथा सिम कार्ड जारी करने से पहले सख्त जांच करें।
  2. निष्क्रिय या मृत बैंक खातों पर कड़ी निगरानी रखी जाए और ऐसे खातों में फिजिकल KYC अनिवार्य किया जाए।
  3. संदिग्ध खातों या तीन साल से कम लेनदेन वाले खातों में इंटरनेट बैंकिंग सेवाएं निलंबित की जाएं।
  4. प्रदेश के सभी गिग वर्कर्स को डीजी साइबर क्राइम कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा।
  5. 1 फरवरी से गिग वर्कर्स को यूनिफॉर्म/ड्रेस कोड, QR कोड वाला आईडी कार्ड रखना अनिवार्य होगा।
  6. सभी गिग वर्कर्स को कमर्शियल नंबर प्लेट वाले वाहन से ही सेवा देनी होगी।
  7. पुराने डिजिटल उपकरणों की खरीद-फरोख्त पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
  8. कक्षा 9 तक या 16 वर्ष से कम आयु के छात्रों के लिए मोबाइल फोन के उपयोग पर स्पष्ट SOP लागू की जाएगी।


 
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