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आसाराम को हाईकोर्ट से मिला झटका, सजा खत्म करने वाली याचिका खारिज

Tue, 26 Mar 2019 02:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
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आसाराम (फाइल फोटो)
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नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी आसाराम को मंगलवार को राजस्थान उच्च न्यायालय से झटका लगा है। अदालत ने उसकी उस याचिका को खारिज कर दिया है। जिसमें उसने अपनी सजा को निलंबित करने की मांग की थी। 

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नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोप में जोधपुर की एक अदालत ने खुद को संत भगवान कहने वाले आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वह पिछले काफी समय से जेल में है। इस मामले के दूसरे दोषियों शिल्पी उर्फ संचिता गुप्ता (सेविका), शरदचंद्र उर्फ शरतचंद्र को अदालत ने 20-20 साल की सजा सुनाई है।

फैसला सुनाते हुए अदालत ने शिवा उर्फ सवाराम (आसाराम का प्रमुख सेवादार), प्रकाश द्विवेदी (आश्रम का रसोइया) को बरी कर दिया था। 

इससे पहले जोधपुर जिला पैरोल समिति ने जनवरी में आसाराम को झटका देते हुए उसकी 20 दिनों की पैरोल याचिका को खारिज कर दिया था। पिछले साल 19 दिसंबर 2018 को भी उसकी 20 दिनों की पैरोल याचिका खारिज कर दी थी। नवंबर 2018 में उसकी पैरोल याचिका खारिज की गई थी।
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बता दें कि उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी। जहां किशोरी द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद 2013 में आसाराम को गिरफ्तार किया गया था। फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने कहा था कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और हमें खुशी है कि न्याय मिला।
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