मामले में सह आरोपी मध्य प्रदेश स्थित छिंदवाड़ा आश्रम की होस्टल वार्डन शिल्पी भी इसी तरह की याचिका पर हुए फैसले के आधार पर बीते 29 सितंबर को बाहर आई थी। फिलहाल, आसाराम की दीपावली जेल में ही कटेगी।
उल्लेखनीय है कि अगस्त, 2013 के बाद से निचली से शीर्ष अदालतों में करीब एक दर्जन से अधिक बार आसाराम की जमानत याचिका खारिज हुई है। एससी/एसटी कोर्ट ने बीते 25 अप्रैल को दुष्कर्म के आरोप में आसाराम को दोषी मानते हुए जीवन की आखिरी सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई थी।