राजस्थान सरकार ने चुनावी साल में अपने कर्मचारियों को आवास नीति के तहत रियायती आवास का तोहफा दिया है। अब कर्मचारी 25 से 30 प्रतिशत रियायत पर आवास ले सकेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में शुक्रवार को इस नीति के साथ बालिका नीति और युवा नीति को भी मंजूरी दे दी गई।
कर्मचारी एक बार ही आवास आवंटन कराने के लिए पात्र होंगे। आवंटित आवास को 10 साल तक बेचा नहीं जा सकेगा। आवास नीति के तहत कर्मचारियों को राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत सोसायटी का पंजीयन कराना होगा। ग्रुप हाउसिंग के लिए आवेदन ग्रुप हाउस बिल्डिंग सोसायटी के माध्यम से लिए जाएंगे।
12 प्रतिशत ब्याज
भूमि का कब्जा 25 प्रतिशत राशि जमा कराने पर सोसायटी को दिया जाएगा। बाकी 75 प्रतिशत राशि 2 साल के अंदर 4 समान किस्तों में बिना ब्याज के जमा कराई जा सकेगी। इसके बाद 12 प्रतिशत ब्याज देय होगा।
इधर, युवा नीति के तहत सभी विभागों से कहा गया है कि सभी विभाग सामाजिक क्षेत्र में युवा विकास कार्यक्रमों के लिए बजट आवंटन की व्यवस्था करें। इसके लिए राज्य युवा विकास निधि की स्थापना भी की जाएगी। बालिका नीति के तहत प्रदेश में बालिकाओं को गरिमामय जीवन व्यतीत करने के लिए भेदभाव रहित सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है।