राजस्थान के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने योग पर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को जयपुर में जन सुनवाई के दौरान कहा कि चाहे नमाज पढ़ो या सूर्य नमस्कार करो, एक ही बात है। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार किसी धर्म विशेष का नहीं है, बल्कि योग है, जो बंद कमरे में भी किया जा सकता है। योग में सूर्य नमस्कार करवाने के सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं।
देवनानी ने योग और सूर्य नमस्कार को लेकर मीडिया की ओर से पूछे गए सवालों पर कहा कि सूर्य नमस्कार और योग को तो पाकिस्तान के मुस्लिम भी कर रहे हैं। सूर्य नमस्कार दुनियाभर में किया जाता है। नमाज की कई मुद्राएं सूर्य नमस्कार से मिलती जुलती हैं। जब मुस्लिम चांद देखकर रोजा खोल सकते हैं, तो सूर्य के साथ इतनी घृणा क्यों करते हैं?
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि देवनानी ने कहा कि सूर्य नमस्कार में जरूरी नहीं है कि सूर्य के सामने झुका जाए। इस मुद्रा को बंद कमरे में किया जा सकता है। इस विषय पर बहस तार्किक नहीं लगती। इसे धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है, बल्कि ये योग ही है। लोकतंत्र में सबको विरोध जताने का हक है। कुछ लोग बेवजह सूर्य नमस्कार का विरोध जता रहे है। गौरतलब है कि मुस्लिम संगठन पहले ही इस बात पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा चुके हैं। देवनानी ने कहा कि मुस्लिम संगठन कोर्ट गए हैं, तो सरकार भी कोर्ट जाएगी।