राजस्थान में दिवाली से पहले अशोक गहलोत सरकार किसानों को राहत प्रदान करने जा रही है। अब बैंक से लिए गए कर्ज को न चुका पाने की स्थिति में किसानों की पांच एकड़ जमीन जब्त नहीं की जा सकेगी।
नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार 2 नवंबर को किसानों को राहत देने के लिए विधानसभा में संशोधन बिल ला रही है। उन्होंने बताया कि इस बिल के पास होने से किसानों को हर तरह से फायदा मिलेगा।
धारीवाल ने बताया कि राजस्थान सरकार दीवानी प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 60(1)(b) के परन्तुक में संशोधन कर किसानों को यह राहत देगी। बता दें कि राजस्थान विधानसभा की बैठक 31 अक्तूबर से फिर शुरू होगी जिसमें केंद्र की ओर से हाल ही में पारित कृषि संबंधी कानूनों के खिलाफ पंजाब सरकार की तर्ज पर संशोधन विधेयक लाए जाने की संभावना है। राजस्थान विधानसभा सचिवालय की ओर से अधिसूचना जारी की गई।
इसके अनुसार राजस्थान विधानसभा के पांचवें सत्र की बैठक 24 अगस्त को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई थी, वह अब 31 अक्टूबर से पुनः शुरू होगी। अधिसूचना के अनुसार राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी ने विधानसभा की यह बैठक राज्य सरकार द्वारा अति आवश्यक शासकीय विधाई कार्य संपादित किए जाने हेतु की गई अनुशंसा पर बुलाई है।
वहीं कांग्रेस सरकार इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाल ही में पारित कृषि संबंधी विधेयकों का राज्य में प्रभाव 'निष्प्रभावी' करने के लिए संशोधन विधेयक ला सकती है। उल्लेखनीय है कि राज्य मंत्री परिषद की इसी सप्ताह हुई बैठक में इस बारे में फैसला किया गया था।