Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में आगामी विधानसभा को होने वाले चुनावी रण को कवर करने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर चुनावी मुद्दों को जान रहा है। इसी को लेकर आज चुरू जिले के तारानगर में 'सत्ता का संग्राम' हुआ। यहां लोगों से उनकी समस्या और मुद्दों के बारे जाना गया।
राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। विधानसभा चुनाव 2023 से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। इसी सिलसिले में आज हमारा कारवां चुरू जिले के तारानगर विधानसभा पहुंचा है। यहां अमर उजाला ने लोगों से बात की और सवाल पूछे। यहां से नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ लड़ रहे हैं, इस वजह से ये सीट हॉट सीट बनी हुई है।
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पिछले पांच सालों में जो भ्रष्टाचार हुआ उसको आप स्पष्ट देख सकते हैं। विकास के नाम पर जो काम हुए हैं, वहां जाकर देख लीजिए भ्रष्टाचार साफ नजर आ जाएगा। यहां लंबे समय तक कांग्रेस का शासन हुआ और बस पानी की बात होती रही विकास कुछ भी नहीं हुआ।
तारानगर से राजेंद्र राठौड़ की विजय की हम सब कामना कर रहे हैं, क्योंकि हमें विश्वास है कि उनके आने से ही विकास होगा। वो ऐसे व्यक्ति हैं जो गरीब को गणेश मानकर सुबह से शाम तक सबके बीच में रहकर उनकी समस्याओं को सुनते हैं। दूसरी सबसे बड़ी बात वो जात-पात की राजनीति नहीं करते। वो 36 कौम के साथ एक जैसा ही व्यवहार करते हैं।
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अशोक गहलोत की गारंटियों का फायदा तो मिल रहा है, लेकिन बाकी समस्याएं तो जस की तस है। बेरोजगारी, पेपर लीक, भ्रष्टाचार, लोगों की पानी की समस्या ये बस तो वैसी ही बनी हुई हैं। बच्चों में गुस्सा है और इस चुनाव में बच्चे गुस्सा जाहिर भी करेंगे।
वहीं, दूसरा पक्ष जो कांग्रेस की तरफ से बोला, उनका कहना था कि पेपर लीक कोई कारण नहीं है, पेपर लीक सभी जगह हुए हैं। मध्य प्रदेश में भी पेपर लीक हुए हैं, वहां तो बीजेपी की सरकार है। लोगों का कहना है कि कांग्रेस सरकार पेपर लीक होने के बाद कम से कम दोबारा पेपर करवाती तो है। भाजपा वाले दोबारा मौका भी नहीं देते।