फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान का रण: पीएम मोदी के प्रचार में उतरने से लड़ाई हुई दिलचस्प 

Mon, 03 Dec 2018 08:42 PM IST
शशिधर पाठक, अमर उजाला
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी
विज्ञापन

राजस्थान का चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में है। अगले दो दिन के बचे चुनाव प्रचार में कांग्रेस और भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के हिन्दुत्व की काट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दत्तात्रेय ब्राह्मण के अवतार में हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष पर सीधा हमला बोला है। इसके समानांतर कांग्रेस के पक्ष में प्रचार के लिए कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने भी राजस्थान में डेरा डाल दिया है। भाजपा के नेता जहां मानकर चल रहे हैं कि पीएम मोदी के प्रचार के लिए आने के बाद लड़ाई दिलचस्प हो गई है, वहीं कांग्रेस पार्टी के नेताओं को जीत का पूरा भरोसा है। 

विज्ञापन

पीएम मोदी-सीएम योगी की मांग

राजस्थान में चुनाव की हवा के बारे में खुद भाजपा के नेता मान रहे हैं कि जनता में वसुंधरा राजे और उनकी सरकार को लेकर विरोधी लहर है। लेकिन पूरे राजस्थान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जनता का जुड़ाव बना हुआ है। प्रधानमंत्री की जनसभाओं में जमकर भीड़ उमड़ रही है। बताते हैं कि  प्रदेश के हर हिस्से से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मांग है। भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का कहना है कि पिछले दो सप्ताह के दौरान राजस्थान में भाजपा की स्थिति काफी मजबूत हुई है। इसकी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र का प्रचार में उतरना रहा है। 

जयपुर के हेमजीत मालू के अनुसार अगर राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे की बात करें तो पहले नंबर राज्य के लोगों की पसंद अशोक गहलोत हैं। दूसरे नंबर पर वसुंधरा राजे और उन्हीं के आस पास सचिन पायलट की छवि है। रहा सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि का तो राजस्थान में उनका काफी हद तक क्रेज बना हुआ है। रामकिशुन मीणा का भी कहना है कि राज्य की जनता प्रधानमंत्री से नाराज नहीं है। हां, वसुंधरा सरकार से नाराजगी जरूर है। लेकिन मीणा भी मानते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राज्य में हर जाति, वर्ग में प्रभाव है। 

टोंक में फंसे पायलट, खान से कड़ा मुकाबला

विज्ञापन


राजस्थान के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट टोंक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके मुकाबले में भाजपा के एकमात्र अल्पसंख्यक उम्मीदवार वसुंधरा सरकार में मंत्री रहे यूनुस खान हैं। टोंक में मुस्लिम आबादी भी ठीक-ठाक है। यूनुस खान का रिकॉर्ड भी दुरुस्त है। वह वसुंधरा सरकार में अच्छा काम करने वाले मंत्रियों में हैं। क्षेत्र की जनता भी उनपर भरोसा करती है। वह वसुंधरा की भी पसंद बताए जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि टोंक में  भाजपा और कांग्रेस में कड़ा मुकाबला हो गया है। सचिन पायलट के लिए यह सीट जहां प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गई है, वहीं भाजपा ने उन्हें पूरी तरह से घेर कर रखने की रणनीति को और धार दे दिया है।
विज्ञापन

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें