राजस्थान की चुनावी जंग में किरोड़ी नाम के दो नेता अहम भूमिका में नजर आ रहे हैं, ये हैं दौसा से सांसद किरोड़ी लाल मीणा और गुर्जर नेता किरोड़ी सिंह बैंसला।
मीणा राजस्थान में तीसरे मोर्चे के तौर पर भाजपा और कांग्रेस दोनों से मोर्चा ले रहे हैं। जबकि बैंसला ने कांग्रेस से हाथ मिलाकर गुर्जरों से गहलोत सरकार को वोट देने की अपील की है।
मीणा की राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी यानी राजपा ने प्रदेश की कुल 200 में से 150 सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर खुद को किंगमेकर के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया है।
वहीं गुर्जर समाज के कई नेता बैंसला के कांग्रेस को समर्थन का विरोध कर रहे हैं। मगर गुर्जर समाज में उनके अलावा कोई बड़ा नेता राजस्थान में नहीं माना जाता। लिहाजा दोनों नेताओं ने भाजपा और कांग्रेस के लिए चुनावी जंग कांटे की कर दी है।
मीणा की राजपा से भाजपा और कांग्रेस के बागियों को टिकट दी गई है। किरोड़ी लाल मीणा आदिवासी नेता हैं। उनका जाति वर्ग प्रदेश की 12 फीसदी जनजाति आबादी में पांच फीसदी हिस्सेदारी रखता है। उनकी पार्टी से प्रदेश की हर जाति और वोट बैंक के उम्मीदवारों को टिकट दी गई है।
उनकी पार्टी ने एक रिटायर्ड बिग्रेडियर, एक पूर्व आईएएस अधिकारी और विदेश से पढ़कर लौटे दो युवकों को भी टिकट दी है। मीणा खुद सवाईमाधोपुर सीट से लड़ रहे हैं जहां से भाजपा की ओर से जयपुर की राजकुमारी दिया कुमारी चुनावी मैदान में हैं।
इस साल के शुरू में मीणा पूर्व लोकसभा स्पीकर पी संगमा की राजपा में शामिल हो गए थे। मीणा भाजपा और कांग्रेस दोनों को राजस्थान के पिछड़ेपन के लिए कोस रहे हैं। चुनाव के बाद वह किसी भी पार्टी को समर्थन नहीं देने की बात करते है।
दूसरी तरफ बैंसला राजस्थान में गुर्जर समाज के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं। हालांकि पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा का टिकट लेकर कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बैंसला की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे है।