राजस्थान में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। कांग्रेस और बीजेपी ने लगभग सीटों पर अपने-अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। आगामी 25 नवबंर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। चुनाव से पहले अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' प्रदेश भर के मतदाताओं का मन टटोलने निकला है। आज हमारा कारवां सवाईमाधोपुर पहुंचा है, यहां अमर उजाला ने युवाओं से चर्चा की और उनके मुद्दों को जानने की कोशिश की। अमर उजाला के मंच पर युवाओं ने भी खुलकर अपनी बात रखी।
युवाओं ने चर्चा में सबसे बड़ा मुद्दा पेपर लीक का उठाया। युवाओं ने कहा कि पांच साल से राजस्थान में सिर्फ पेपर लीक हो रहे हैं। युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। इन सबके पीछे गहलोत सरकार जिम्मेदार है। आज युवा सड़कों पर है उसका मुख्य कारण गहलोत सरकार है। युवाओं के लिए लड़ने वाली पार्टी शुरू से भाजपा रही है। भाजपा के डॉ. किरोड़ी लाल मीणा लगातार युवाओं के लिए लड़ रहे हैं। युवाओं ने कहा कि सबसे पहले तो पेपर लीक करने वालों के लिए कड़ी से कड़ी सजा होनी चाहिए। पेपर लीक को लेकर एक कानून बनना चाहिए।
स्थानीय व्यक्ति विधायक बने तब होगा भला
सवाईमाधोपुर में रोजगार के सवाल पर लोगों ने कहा कि यहां रोजगार के नाम पर कुछ नहीं है। यहां केवल होटल का रोजगार है तो उसमें भी स्थानीय लोगों के लिए कुछ भी नहीं है। लोगों ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए एक ही रास्ता है कि यहां स्थानीय व्यक्ति विधायक बने। बाहर के लोग आते रहेंगे और जाते रहेंगे उससे सवाईमाधोपुर का भला नहीं होने वाला।
रोजगार की वजह से युवा कर रहा पलायन
रोजगार के कमी से यहां के लोग पलायन कर रहे हैं। पर्यटन के साथ-साथ यहां इंडस्ट्री भी होनी चाहिए, ताकि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन सकें। पर्यटन से होटल संचालक तगड़ा कमा रहे हैं और वे सब बड़े-बड़े उद्योगपति हैं। यहां के स्थानीय युवाओं को उससे कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
सरकार चाहे कोई भी आई हो किया किसी ने कुछ नहीं
वहीं, एक पक्ष ने बेरोजगार युवाओं की दशा के लिए गहलोत सरकार के साथ-साथ भाजपा के किरोणीलाल मीणा की वादाखिलाफी को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे कोई भी रही हो किया किसी ने कुछ भी नहीं। किरोणीलाल मीणा ने कहा था कि तुम मुझे जिताओ, मैं फैक्ट्री का धुआं निकाल दूंगा। फैक्ट्री चालू होंगी तो युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं। यहां लोगों ने दोनों पार्टियों के विरोध की बात कही।