कांग्रेस नेताओं ने जमकर शेयर किया वीडियो, गुर्जर समाज का बताया अपमान
पीएम मोदी के लिफाफे से 21 रुपये निकलने पर कांग्रेस नेताओं ने इसे गुर्जर समाज का अपमान बताया। साथ ही इसके वीडियो को सोशल मीडिया पर भी जमकर शेयर किया गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और राजस्थान बीज निगम अध्यक्ष धीरज गुर्जर ने एक्स (ट्वीट) कर कहा- मोदीजी गुर्जर समाज एक सीधी, सच्ची, ईमानदार, सरल और स्वाभिमानी कौम है। किसी कौम और समाज को इस तरह छलना अच्छी बात तो नहीं है।
झूठा साबित हुआ मंदिर के पुजारी का दावा
मीडिया में खबरें और सोशल मीडिया पर वीडियो जारी होने के बाद यह तेजी से वायरल होने लगा। इसके बाद भाजपा की ओर से पीएम मोदी के मालासेरी डूंगरी मंदिर दौरे का एक वीडियो जारी किया गया। जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि पीएम मोदी ने दानपात्र में लिफाफा नहीं, बल्कि रुपये डाले थे। यानी मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल द्वारा किया गया दावा गलत साबित हुआ। पूरे मामले का सच सामने आया गया, लेकिन कांग्रेस नेता धीरज गुर्जर ने अब अभी अपने एक्स अकाउंट पर इस वीडियो को पिन करके रखा है, उनके अकाउंट पर जाने पर ये वीडियो सबसे पहले दिखाई दे रहा है।
मंदिर में पुजारी हेमराज ने पीएम मोदी का बताकर खोला था लिफाफा।
- फोटो : अमर उजाला
क्यों जताई जा रही साजिश होने की आशंका?
राजस्थान में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। गुर्जर समाज का प्रदेश के 12 जिलों और करीब 30-35 विधानसभा सीटों पर प्रभाव माना जाता है। ऐसे में अगर, इस समाज के लोगों में पीएम मोदी के खिलाफ माहौल बनता है तो चुनावी साल में इसका फायदा कांग्रेस को हो सकता है। इसी वजह से इस पूरी घटना को साजिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
पुजारी हेमराज की भूमिका क्यों संदिग्ध?
भाजपा की ओर से पीएम मोदी के दानपात्र में रुपये डालने का जो वीडियो जारी किया गया है, उसमें मंदिर के पुजारी हेमराज पोसवाल भी उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। वे ठीक मोदी के बगल में खड़े, रुपये डालने के बाद वे मोदी के साथ ही आगे बढ़ते हैं। ऐसे में कहा जा रहा है कि पीएम के साथ रहते हुए पुजारी हेमराज ने उन्हें रुपये डालते हुए देखा तो फिर उन्होंने लिफाफे की बात क्यों कहीं? इसीलिए इस पूरी घटना में उनकी भूमिका को संदिग्ध माना जा रहा है।
दान क्यों किया गया सार्वजनिक?
वहीं, दूसरी तरह कहा जा रहा है कि दानपात्र में डाली गई चीज गुप्त होती है। दान करने वाला व्यक्ति सार्वजनिक तौर पर चीजों का खुलासा न करते हुए रुपये या फिर कोई वस्तु दान करता है तो उसे दानपात्र में डालता है। इसलिए इसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए। जबकि, इस पूरे मामले का वीडिया बनाया गया और बताया कि लिफाफे से 21 रुपये निकले हैं।