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Rajasthan Election 2023: राजस्थान में राहुल गांधी चेहरा क्यों नहीं? जानें CM गहलोत से मनमुटाव की बात कितनी सच

सार

Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया। प्रदेश में 23 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा, जबकि 3 दिसंबर को मतगणना होगी। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अशोक गहलोत के बीच सब कुछ ठीक नजर नहीं आ रहा है। जानिए, ये सवाल क्यों उठ रहा है।   
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राजस्थान कांग्रेस की राजनीति को अपने तरीके से चला रहा अशोक गहलोत। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Rajasthan Election 2023: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के बीच सब कुछ ठीक नहीं है? पिछले लंबे अरसे से राजस्थान की राजनीति में ये सवाल घूम रहा है। इस सवाल को तब और बल मिल जाता है जब राजस्थान सरकार के पोस्टर-बैनर पर ध्यान दिया जाए। इनमें गहलोत के अलावा कांग्रेस के किसी नेता की तस्वीर नहीं है। चाहे वो प्रदेश में लगे महंगाई राहत कैंप के बैनर-पोस्टर हो या फिर हाल ही में जारी किया गया विजन-2030 का दस्तावेज। इनमें सिर्फ और सिर्फ गहलोत की ही तस्वीर है। इसके अलावा भी कई और बातें हैं जो इस सवाल के उठने को लाजमी बता रहीं हैं। आइए, अब इस सियासी सवाल के जवाब तलाशते हैं...।  

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चुनाव के दो बड़े मुद्दे महंगाई राहत कैंप और विजन-2030 में राहुल गांधी की तस्वीर नहीं
गहलोत सरकार ने 24 अप्रैल से 24 जून तक प्रदेश में महंगाई राहत कैंप का आयोजन किया। बढ़ती महंगाई के खिलाफ भाजपा को घेरते हुए गहलोत सरकार का ये बड़ा दांव था। कैंप की शुरुआत करने से पहले पूरे प्रदेश में गुलाबी रंग के पोस्टर लगाए गए। इनमें सिर्फ सीएम गहलोत की तस्वीर थी, देशभर में कांग्रेस का मुख्य चेहरा माने जाने वाले राहुल गांधी को इसमें जगह नहीं दी गई।

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6 अक्तूबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विजन-2030 का डॉक्यूमेंट जारी किया। चुनाव से पहले इस डॉक्यूमेंट के जरिए गहलोत ने अपने विजन को जनता के सामने रखा और कई घोषणाएं की। सरकार ने दावा किया कि हमने इस डॉक्यूमेंट में 3.33 करोड़ सुझावों को संकलित किया गया है। लेकिन, चुनाव से एक-दो महीने पहले जारी किए गए इस डॉक्यूमेंट के कवर पेज पर भी सिर्फ सीएम गहलोत की ही तस्वीर थी। 

राहुल गांधी के जयपुर दौरे पर भी दिखा मनमुटाव
23 सितंबर को राहुल गांधी जयपुर दौरे पर आए थे। यहां उन्होंने एक सभा को संबोधित किया था। इससे पहले एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत पार्टी के कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। ये सब मीडिया के कैमरों के सामने हुआ। सूत्रों की मानें तो एयरपोर्ट से सभी नेता एक साथ बाहर निकले और होटल रामबाग पैलेस पहुंचे। इस दौरान राहुल गांधी और अशोक गहलोत अलग-अलग कमरे में रहे। दोनों नेताओं के बीच किसी तरह की कोई बात नहीं हुई।  

राजस्थान से राहुल की दूरी भी बता रही सब कुछ ठीक नहीं
राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव है। कांग्रेस हर हाल में यहां सत्ता में वापसी करना चाहती है। प्रदेश स्तर के नेता पार्टी की जीत के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन, कांग्रेस आलाकमान भाजपा हाईकमान की तरह सक्रिय नहीं दिखाई दे रहा है। भारत जोड़ो यात्रा के राजस्थान से गुजरने के बाद राहुल गांधी सिर्फ दो बार यहां आए हैं। हाल ही में वे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ जयपुर आए थे। इससे पहले 9 अगस्त को बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में राहुल की सभा हुई थी। बीते कुछ महीनों से देशभर में सक्रिय रहने वाले राहुल गांधी के चुनावी साल में राजस्थान में सिर्फ दो दौरे होना अपने आप में कई सवाल खड़े कर रहा है।
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कांग्रेस नेताओं की अनदेखी पर पार्टी में भी उठे सवाल
सूत्रों का कहना है कि राजस्थान सरकार के पोस्टर-बैनर पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं की तस्वीर नहीं होने पर पार्टी नेताओं ने सवाल उठाए। इस पर गहलोत ने उन्हें ये कहकर चुप करा दिया कि पार्टी का प्रचार नहीं है, ये सरकार का प्रचार है। हालांकि, उनसे ये भी कहा गया कि सरकार कांग्रेस की और नेता भी कांग्रेस के ही हैं।

राहुल नहीं, गहलोत को सोनिया गांधी का साथ
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान की राजनीति को अपने हिसाब से चला रहे हैं। कहा जा रहा है कि वे ऐसा इसलिए कर पा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने सोनिया गांधी को साध रखा है। पुराने नेता हैं, सोनिया गांधी उनकी बात सुनती और काफी हद तक मानती भी हैं। आपको याद ही होगा कुछ महीने पहले उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाना लगभग तय हो गया था, लेकिन आखिरी समय में हालत बदले और मल्लिकार्जुन खरगे अध्यक्ष बनाए गए। 
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